माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। गर्मी बढ़ते ही सेक्टर-6 सिविल अस्पताल में डायरिया के मरीज भी आने लगे हैं। सिविल अस्पताल में हर रोज डायरिया पीड़ित 30 से अधिक मामले सामने आ रहे हैं। इसके अलावा इमरजेंसी में हर दिन सात से अधिक मामले सामने आ रहे हैं। मई माह में अब तक डायरिया का इलाज कराने के लिए 250 से अधिक मरीज आ चुके हैं।
पंचकूला सिविल अस्पताल सेक्टर-6 के पीडियाट्रिक ओपीडी के हेड सत्येंद्र वर्मा ने बताया कि डायरिया का मुख्य कारण दूषित जल भी है। शहर की बाहरी कॉलोनियों में डायरिया के मरीज अधिक मिल रहे हैं। इसमें सबसे अधिक मामले बच्चों के बाहर खाने और तला हुआ खाने के कारण अधिक आ रहे हैं। इसके अलावा पानी उबाल कर नहीं पीने के कारण इस तरह के हालात बने हुए हैं। सिविल अस्पताल इमरजेंसी के हेड डॉ. अमरजीत सिंह ने बताया कि गर्मी में अक्सर डायरियों के केस बढ़ते हैं।
इमरजेंसी वार्ड में औसतन आठ मामले आ रहे हैं। इसमें बच्चों की संख्या अधिक है। अब हर वार्ड में डायरिया के पांच-छह से केस मिल रहे हैं। इनमें बच्चों की संख्या अधिक है। डायरिया का मुख्य कारण दूषित पानी का सेवन भी है। इस मौसम में बुजुर्गों को बाहर जाने से बचना चाहिए। इन्फेक्शन डायरिया के इलाज के साथ डी-हाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी होना) की स्थिति से बचने के लिए खूब पानी पिएं। वहीं अस्पताल के बच्चों के वार्ड में हर बेड पर दो मरीज हो गए हैं।
यह है डायरिया के लक्षण
पंचकूला एमडी मेडिसिन डॉ. अश्वनी भटनागर ने बताया कि डायरिया के लक्षण में उल्टी-दस्त और पल्स मंद होना है। इसके अलावा बेचैनी और स्वभाव चिड़चिड़ा होना है। इसके अलावा धंसी हुई आंखें, कमजोरी महसूस होना है। अगर यह लक्षण है तो लोगों को तुरंत डॉक्टर के पास इलाज के लिए जाना चाहिए।
यह है बचाव के उपाय
डायरिया के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें। उबला हुआ पानी ठंडा करके छानकर पीएं। खुले में बिकने वाले मसाले वाली चीजें नहीं खाएं। इसके अलावा ठंडा खाना बिल्कुल नहीं खाएं। वहीं तेज धूप में बाहर जाने से बचाव करें।