फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Panchkula News: सच्ची भक्ति और अडिग विश्वास के आगे अहंकार और अत्याचार टिक नहीं पाते- आचार्य हर्षमणी

विज्ञापन
विज्ञापन
पंचकूला। सेक्टर-16 स्थित श्री सनातन धर्म मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन श्रद्धा और भक्ति का विशेष वातावरण देखने को मिला। कथा वाचक आचार्य हर्षमणी ने अपने ओजस्वी एवं भावपूर्ण प्रवचनों के माध्यम से भक्त प्रहलाद के चरित्र और समुद्र मंथन की दिव्य कथा का विस्तार से वर्णन किया। कथा श्रवण के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में उपस्थित रहे और भक्ति रस में सराबोर नजर आए। आचार्य ने भक्त प्रहलाद के चरित्र का वर्णन करते हुए बताया कि सच्ची भक्ति और अडिग विश्वास के आगे अहंकार और अत्याचार टिक नहीं पाते। हिरण्यकश्यप जैसे बलशाली असुर के अत्याचारों के बावजूद प्रहलाद ने भगवान विष्णु में अपनी आस्था नहीं छोड़ी। उन्होंने कहा कि प्रहलाद का जीवन हमें यह सिखाता है कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी ईश्वर पर भरोसा रखने से अंततः विजय सत्य और भक्ति की ही होती है। इसके पश्चात आचार्य ने समुद्र मंथन की कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि देवताओं और असुरों द्वारा किए गए समुद्र मंथन से अमृत के साथ-साथ अनेक रत्न, लक्ष्मी माता और कालकूट विष भी प्रकट हुआ। कथा के दौरान चंद्र हर्ष गोयल तथा मंदिर प्रधान डॉ. अशोक गुप्ता ने कथा व्यास आचार्य हर्षमणी का पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया और उनसे आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर पूर्व पार्षद एवं वरिष्ठ समाजसेवी भावना गुप्ता और आरसी गुप्ता ने भी कथा व्यास से आशीर्वाद लिया। कथा के दौरान भजन-कीर्तन से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें