चंडीगढ़। मंडियों में फैले भ्रष्टाचार को रोकने के लिए हरियाणा सरकार ने एक और अहम कदम उठाया है। इसके तहत अब आढ़तियों को नए लाइसेंस बनवाने और नवीनीकरण के लिए मार्केट कमेटी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। विभाग की ओर से इसके लिए एक पोर्टल तैयार किया गया है। भविष्य में इस पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन ही लाइसेंस बन सकेगा और नवीनीकरण हो सकेगा।
गौर हो कि इससे पहले मंडियों में आढ़तियों के लाइसेंस बनाने और नवीनीकरण का काम मैनुअली होता है। इसमें मार्केट कमेटी सचिवों समेत अन्य स्टाफ पर रिश्वत लेने के आरोप लगते रहे हैं। साथ ही मैनुअली प्रक्रिया के चलते इसमें काफी समय लगता था। समय-समय पर आढ़ती एसोसिएशन और व्यापारी मुख्यमंत्री मनोहर लाल और विभागीय मंत्री जेपी दलाल के सामने मांग रख चुके हैं। इस संबंध में हरियाणा मार्किटिंग बोर्ड की ओर से पत्र जारी कर दिया गया है। इसमें आढ़तियों को वर्ष 2022-23 में खरीफ सीजन की खरीद में कोई परेशानी नहीं आने देने का भरोसा दिया गया है। 30 नवंबर से पहले पोर्टल पर लाइसेंस बनवाने और नवीनीकरण करने की प्रक्रिया को अपडेट कर दिया जाएगा। वहीं ऑनलाइन प्रक्रिया पर भारतीय व्यापार मंडल, हरियाणा के मुख्य संरक्षक राजीव जैन और प्रधान राम अवतार तायल ने हरियाणा सरकार का आभार जताया है। जैन ने कहा कि इससे पहले अनाज मंडियों में कई वर्षों से आढ़तियों को लाइसेंस नवीनीकरण में विभिन्न दिक्कतें आ रही थी।
बिनोला मिल्स की फाइल मंत्री परिषद को भेजी
भारतीय व्यापार मंडल, हरियाणा चेयरमैन विकास अग्रवाल और प्रधान राम अवतार तायल ने बताया कि भारतीय व्यापार मंडल के प्रयास से बिनोला मिल्स को वार्षिक मार्केट फीस का जो प्रावधान किया जा रहा है, उसकी फाइल कानूनी अमल में लाने के लिए मंत्री समूह को भेज दी गई है, जिसपर आगामी विधानसभा सत्र में मंजूरी मिल सकेगी। इसके अलावा, व्यापारियों के विभिन्न मुद्दों पर जल्द समाधान का सरकार से आश्वासन प्राप्त हुआ है।