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Panchkula News: न्यू इंडिया स्कूल में भाव भंगिमा और कला का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया

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माई सिटी रिपोर्टर पंचकूला। भाव भंगिमा और कला का अद्भूत संगम न्यू इंडिया सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर-15 पंचकूला में हुआ। हरियाणा कला परिषद अंबाला मंडल व स्वधा ग्रुप ने आयोजन किया। इसका निर्देशन नागेंद्र शर्मा और डॉ मानसी सक्सेना ने किया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के सचिव एवं ऑल इंडिया रेडियो संस्कार भारती के संयोजक नवीन शर्मा रहे, जबकि विशेष अतिथि हरियाणा कला परिषद के अतिरिक्त निदेशक नागेंद्र शर्मा रहे। न्यू इंडिया स्कूल की डायरेक्टर शारदा गुप्ता एवं प्रबंधक कुसुम कुमार गुप्ता ने अतिथियों का स्वागत किया। हालमार्क स्कूल के एमडी जिवतेश गर्ग , सुरेश गोयल, सतीश अवस्थी भी उपस्थित रहे।
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अनीता दुहन ने कार्यक्रम को आगे बढ़ाया। पहली प्रस्तुति मानसी शर्मा द्वारा पंचाक्षर जो कि शिव स्त्रोत से किया। तत्पश्चात स्वाति एवं नितेश ने युगल नृत्य की भाव भंगिमा का अद्भुत नजारा पेश किया। तीसरी प्रस्तुति सूफी नृत्य मानसी सक्सेना ने दी। संगीत की रूहानी ताकत व सकारात्मक उर्जा का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए सितार वादक भैरवी शर्मा, तबला वादक सिमरन जोत जी व बेमिसाल गायन प्रस्तुत किया। योगेश ने तराना प्रस्तुति का श्रेय जाता है। मानसी, नितेश एवं सिमरत को ठुमरी का रसास्वादन करवाया। स्वाति एवं होरी की अभिव्यक्ति दी गई सिमरत, सीमोन व प्रभसिमर द्वारा व अंतिम प्रस्तुति रही सरगम जिसके कलाकार थे नितेश, स्वाति एंव नित्या। न्यू इंडिया सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रबंधक कुसुम कुमार गुप्ता ने अतिथियों स्मृति चिन्ह, पुष्प गुच्छ का देकर सम्मानित किया और बच्चों को इस धरोहर को जीवित रखने का संदेश दिया। नवीन शर्मा ने बच्चों को अपनी संस्कृति एवं कला को बनाए रखने का आग्रह किया। उन्होंने बच्चों को कहानियों के माध्यम से भारतीय कलाओं का महत्व बताया। न्यू इंडिया सीनियर सेकेंडरी स्कूल की निदेशिका शारदा गुप्ता ने सभी अतिथियों व कलाकारों का आभार व्यक्त किया। स्कूल प्रिंसिपल कुमारी अनुपमा ने सभी का धन्यवाद किया।

विद्यार्थियों को अपनी संस्कृति के प्रति जागरूक होना चाहिए - डॉ. मानसी सक्सेना
विद्यार्थियों को अपनी संस्कृति के प्रति जागरूक होना चाहिए। विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाने के लिए इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। अमर उजाला से बातचीत के दौरान कत्थक नृत्यांगना डॉ. मानसी सक्सेना ने यह बता कही। उन्होंने कहा कि देश की कला संस्कृति के प्रति बच्चे जागरूक हो। बच्चों ने फिल्मों के बजाय अपनी संस्कृति का रूख करने का वादा किया है। उन्हाेंने कहा कि उन्हें सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति के लिए जिला अवार्ड और राजेंद्र दीप सम्मान से सम्मानित किया गया है।
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