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Panchkula News: स्पा की आड़ में देह व्यापार का आरोप, सभी जमानत याचिकाएं हाईकोर्ट ने कीं खारिज

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चंडीगढ़। शहर के सेक्टर-35 में मौजूद स्पा सेंटर में देह व्यापार करवाने के आरोपियों को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने जमानत से इन्कार कर दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि यदि स्थानीय लोगों से पुलिस ने छापे में शामिल होने का अनुरोध किया हो और कोई आगे न आया हो तो यह वैध छापा माना जाएगा। एफआईआर के अनुसार डीएसपी सेक्टर-36 को गुप्त सूचना मिली थी कि शहर में अनैतिक रूप से स्पा व मसाज की आड़ में देहव्यापार चल रहा है। इसके बाद छापा मारने के लिए स्थानीय लोगों से इसमें जुड़ने का निवेदन किया गया। जब कोई सामने नहीं आया तो महिला हेल्पलाइन टीम को मौके पर बुलाया गया। याचिकाकर्ता द्वारा चलाए जा रहे स्पा सेंटर में पुलिस ने छापा मारा, जिसमें कुल 8 कमरे थे। जांच करने पर दो कमरों के बाहर व्यस्त बोर्ड लटका हुआ मिला और खोलने पर एक व्यक्ति आपत्तिजनक स्थिति में मिला। यही स्थिति दूसरे कमरे में भी थी। याचिकाकर्ता के वकील ने तर्क दिया कि उसे झूठा फंसाया गया है, क्योंकि याचिकाकर्ता पुलिस की सर्च के समय न तो मौजूद था और न ही उसके पास से कोई आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई।
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स्पा संचालक व उसके कर्मचारियों की याचिका में दलील दी गई कि तलाशी अधिनियम की धारा 15 (2) के प्रावधानों का उल्लंघन करके की गई थी, क्योंकि तलाशी अभियान के दौरान इलाके का कोई भी निवासी शामिल नहीं था। हाईकोर्ट ने दलीलें सुनने के बाद इस तर्क को खारिज कर दिया कि अधिनियम की धारा 15 का कोई अनुपालन नहीं किया गया था। ऐसा कोई कारण पुलिस के पास मौजूद नहीं था और न ही याची के पास ऐसा कोई कारण है जिसके चलते उसे फंसाया जाए।
अधिनियम की धारा 15 के अनुसार बिना वारंट के तलाशी लेने से पहले पुलिस अधिकारी उस इलाके के दो या अधिक सम्मानित निवासियों (जिनमें से कम से कम एक महिला होगी) को बुलाएंगे। ये दो लोग तलाशी में शामिल हों और देखें कि मौके पर क्या हुआ ताकि वह चश्मदीद गवाह बन सकें। हाईकोर्ट ने कहा कि यह दलील कि तलाशी अवैध थी, क्योंकि इलाके का कोई भी व्यक्ति इसमें शामिल नहीं था, स्वीकार्य नहीं है। इलाके के लोगों से कार्रवाई में शामिल होने का अनुरोध किया गया था, लेकिन कोई भी आगे नहीं आया। तलाशी के समय महिला हेल्पलाइन टीम भी वहां मौजूद थी और इस प्रकार अधिनियम की धारा 15 के प्रावधानों का पर्याप्त अनुपालन हुआ है।
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