अधिकतर मामलों में पुलिस इस गोरखधंधे में जुटे किंगपिन तक पहुंच नहीं पाती। दुष्यंत के अनुसार उनका महकमा और उनके अफसर फिलहाल अच्छा काम कर रहे हैं। एसईटी की जांच को और गंभीरता व गहन अवलोकन की जरूरत थी। उनके अनुसार एसईटी के कई सुझाव तो ऐसे हैं, जो पहले से ही 2020-21 की आबकारी नीति का हिस्सा हैं। जबकि लॉकडाउन शुरू होते ही प्रदेश के तमाम शराब के ठेके भी बंद करवा दिए गए थे। हर जिले से रिपोर्ट आबकारी अफसरों द्वारा उन तक पहुंची थी। अब इस शराब घोटाले में ये कहा जाए कि सारा दोष आबकारी विभाग का है, यह उचित नहीं।
खैर, दुष्यंत के इस बयान पर गृहमंत्री विज ने सिर्फ एसईटी की सिफारिशों पर एक्शन के इंतजार की बात कही थी। मगर मुख्यमंत्री मनोहर लाल के इस बयान ने अब यह स्पष्ट कर दिया है कि एसईटी की रिपोर्ट में जो भी दोषी पाया जाएगा। सरकार उसे बख्शने वाली नहीं है।
सरकार का जो काम होता है वो सिस्टम से होता है। सरकार को जो शिकायतें मिली उस पर एक एसईटी बनाई गई। एसईटी ने अपनी रिपोर्ट दे दी है। गृह मंत्री ने रिपोर्ट पर अपनी आब्जर्वेशन के बाद कुछ लोगों पर कार्रवाई की सिफारिश की है। अब रिपोर्ट में जो भी सिफारिशें की गई हैं। वो हमारे पास आएंगी। अब हम उस पर बैठकर विचार करेंगे कि क्या-क्या करना है। मगर ये साफ है कि भ्रष्टाचार किसी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। किसी के मानने या न मानने से व्यवस्था नहीं चलती। काम सिस्टम से होता है और सिस्टम से ही होगा। मगर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं होगा। - मनोहर लाल, मुख्यमंत्री