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इनपुट- तारा

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तारा उम्रकैद बाक्स
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नोट : कोर्ट के जजमेंट वाली खबर के साथ इस बाक्स को लगाएं


राजोआणा और हवारा के हाथों का मोहरा था तारा
अदालत ने पूर्व में दिए गए फैसले का जिक्र करते हुए पाया कि जगतार सिंह हवारा और बलवंत सिंह मुख्य षड्यंत्रकारी थे जबकि लखविंदर सिंह, गुरमित सिंह और शमशेर सिंह सहायक थे। वहीं साजिश में जगतार सिंह तारा, लखविंदर सिंह, गुरमित सिंह और शमशेर सिंह के समान ही सहायक था। मामले में हाईकोर्ट ने पाया था कि लखविंदर, गुरमित और शमशेर केवल बलवंत सिंह राजोआणा और जगतार सिंह हवारा के हाथों के मोहरे थे। जिला अदालत के फैसले के अनुसार जगतार सिंह तारा भी इसी स्थिति में था। अदालत ने पाया कि अभी तारा की उम्र 43 साल है और वारदात के वक्त वह 20 वर्ष का था। उसने निर्दोष लोगों की हत्या को लेकर पश्चाताप भी व्यक्त किया है। वह घटना के समय मौजूद नहीं था और उससे पहले ही वहां से जा चुका था।
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