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Panchkula News: फर्म का डुप्लिकेट सिमकार्ड जारी करवाकर खाते से निकाले 73 लाख रुपये

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संवाद न्यूज एजेंसी
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पंचकूला। डुप्लिकेट सिमकार्ड निकाल कर एक फर्म के खाते से 73 लाख रुपये निकालने का मामला सामने आया है। साइबर थाना पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फर्म के मैनेजिंग पार्टनर ने मोबाइल कंपनी के अधिकारी और बैंक मैनेजर पर मिलीभगत कर खाते से रुपये निकालने का आरोप लगाया है।
पुलिस के अनुसार, एमडीसी निवासी गगन आनंद ने पुलिस को दी शिकायत में बताया है कि उनकी लॉ फर्म है। वे इस फर्म के मैनेजिंग पार्टनर के पद पर कार्यरत हैं। उनके ऑफिस में करीब 30 लोग काम करते हैं। फर्म का एचडीएफसी बैंक स्वस्तिक विहार सेक्टर-5 की शाखा में करंट अकाउंट है। अकाउंट उनकी कंपनी की ईमेल आईडी और उनके मोबाइल नंबर से रजिस्टर्ड है। बैंक खाते में उनके पास लॉ फर्म के रजिस्टर्ड क्लाइंट से लीगल फीस के पैसे जमा होते हैं। इन पैसों को निकालने के लिए बैंक के चेकों पर हस्ताक्षर करने के लिए वह और उनके पिता ही आथोराइज्ड हैं। उन्होंने खाते पर नेट बैंकिंग की सुविधा भी ले रखी है। उनके कार्यालय में स्वाती ढकोली निवासी मैनेजर के पद पर करीब 12 साल से कार्यरत हैं। उनके फार्म में जो भी पैसा आता जाता है। उसका हर रोज का हिसाब स्वाति की देखरेख में होता है। स्वाति हर रोज सुबह ऑफिस आने के बाद ऑफिस जाने से पहले उपरोक्त अकाउंट को चेक करती है। 23 फरवरी को फर्म का खाता चेक करने के बाद स्वाती अपने घर चली गई थी।
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अकाउंट चेक किया तो पैसे नहीं होने का लगा पता
26 फरवरी को स्वाती सुबह ऑफिस आई तो उन्होंने रोज की तरह फार्म का एकाउंट चेक किया। जांच में 73 लाख रुपये एकाउंट से निकाले गए थे। स्वाती ने उसी समय फोन पर उन्हें बताया कि एकाउंट से पैसे निकाले गए हैं। क्या किसी को पेमेंट की है। शिकायतकर्ता यह सुनकर हैरान रह गए। उन्होंने तुरंत ऑफिस की ईमेल आईडी से बैंक के ऑफिसर को स्वाति से ईमेल करवा दी। इसके तुरंत बाद साइबर पोर्टल पर उन्होंने शिकायत दी। ईमेल करने के बाद शिकायतकर्ता ने बैंक पहुंचकर मैनेजर अमित बजाज से मिलने की कोशिश की। मैनेजर ने मिलने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि उनके मामले की जांच कर रहे हैं। इसके बाद वे सेक्टर-12 साइबर पुलिस स्टेशन पहुंचे। उन्होंने वोडाफोन कंपनी में फोन करके रजिस्टर्ड नंबर को ब्लॉक करने को कहा। कंपनी ने उनको रजिस्टर्ड मेल से आवेदन करने को कहा। इसके बाद उन्होंने ईमेल आईडी से मेल कर मोबाइल नंबर को बंद करवाने के लिए ईमेल किया।
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पहले ही जारी हो चुका है सिम
उन्होंने अपने फार्म के कर्मचारी को दस्तावेज देकर फर्म के नाम सिम लेने के लिए वोडाफोन स्टोर पर भेजा। स्टोर कर्मचारी ने बताया कि 24 फरवरी 2024 को पहले ही नया सिम जारी किया गया है। उनके द्वारा भेजे दस्तावेज को कर्मचारी ने लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने अपनी ईमेल आईडी से वोडाफोन कंपनी को फर्म के दस्तावेज भेजकर अपना सिम चालू करवाया। शिकायतकर्ता ने कंपनी को ईमेल से उनकी फर्म के नाम पर जारी सिम नंबर के बारे में पूछा। 1 मार्च को वोडाफोन से उन्हें ईमेल प्राप्त हुआ। इसमें कंपनी ने नया सिम जारी करने के बारे में बताया। शिकायतकर्ता के अनुसार उन्होंने नया सिम लेने के बारे में आवेदन ही नहीं किया। इसके अलावा बैंक से पैसे निकलने और नया नंबर रजिस्टर्ड होने के बारे में भी कोई सूचना नहीं दी गई। शिकायतकर्ता ने बताया कि वोडाफोन के अधिकारी, एचडीएफसी बैंक मैनेजर और उनके स्टाफ ने मिलीभगत कर उनकी फर्म के एकाउंट से धोखे से 73 लाख रुपये धोखे निकाल लिए हैं।


दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जल्द कार्रवाई की जाएगी। - राकेश कुमार, एसएचओ, साइबर थाना
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