चंडीगढ़। हरियाणा के 67 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ताओं का डाटा साइबर ठगों के निशाने पर है। साइबर ठग मोबाइल कनेक्शन कटने के मैसेज भेज कर उपभोक्ताओं को ठगी का शिकार बना रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि उपभोक्ताओं का डाटा कहीं से लीक हुआ है या फिर हैकर्स द्वारा चोरी किया गया है। हालांकि, बिजली निगम डाटा लीक होने से इन्कार कर रहा है। उधर, इस फर्जीवाड़े के खिलाफ क्राइम ब्रांच ने जागरूकता अभियान शुरू किया है।
हरियाणा में पिछले कुछ दिनों से बिजली उपभोक्ताओं को कनेक्शन काटने संबंधी मैसेज भेजे जा रहे हैं। इतना ही नहीं अधिकारियों के नाम से फर्जी मोबाइल नंबर जारी कर कॉल करने के लिए कहा जा रहा है। जिस पर फोन करने पर बैंक एकाउंट संबंधी डिटेल मांगी जाती है और ओटीपी के बाद खाते से राशि निकाल ली जा रही है। पंचकूला, अंबाला, करनाल, कैथल, जींद, भिवानी समेत प्रदेश के अन्य जिलों में रोजाना ऐसे मामलों की संख्या बढ़ रही है। रोजाना कई उपभोक्ता ठगी के शिकार हो रहे हैं।
इस पूरे प्रकरण में बड़ा सवाल यह है कि आखिरकार बिजली उपभोक्ताओं का डाटा उपभोक्ताओं के पास कैसे पहुंचा। आशंका जताई जा रही है कि डाटा लीक या फिर चोरी किया गया है। एकाएक बढ़े मामलों को लेकर बिजली निगम और हरियाणा पुलिस ने एडवाइजरी जारी की है। बिजली मंत्री रणजीत सिंह ने कहा कि बिजली विभाग द्वारा फोन करके कभी भी बैंक एकाउंट संबंधी जानकारी नहीं मांगी जाती। निगम की ओर से उपभोक्ताओं को इस तरह के कोई मैसेज नहीं भेजे जा रहे और न ही कनेक्शन काटने संबंधी कोई फॉन कॉल किए जा रहे हैं। ऐसे फोन और मैसेज से सतर्क रहें।
हरियाणा में रोजाना 6 व्यक्ति हो रहे साइबर ठगी का शिकार
हरियाणा में रोजाना 6 व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो रहे हैं। ये तो वो मामले हैं जिनकी शिकायत पुलिस में दर्ज कराई गई हैं, इनके अलावा, काफी संख्या में ऐसे मामले भी हैं जो दर्ज नहीं हो पाए हैं। इनमें बिजली बिल से लेकर अन्य प्रकार की ठगी के मामले शामिल हैं। हर साल प्रदेश में साइबर ठगी के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। आंकड़ों के मुताबिक, इस साल अब तक प्रदेश में साइबर ठगी के 1010 मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जबकि वर्ष 2019 में 366, वर्ष 2020 में 676, वर्ष 2021 में 670 मामले सामने आए थे।
गृह मंत्री ने की समीक्षा बैठक
हरियाणा में बढ़ रहे साइबर क्राइम को रोकने के लिए गृह मंत्री अनिल विज ने शुक्रवार को पुलिस विभाग के अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (साइबर अपराध) ओपी सिंह आदि उपस्थित रहे। गृह मंत्री ने कहा कि साइबर सुरक्षा के बारे में लोगों को जागरूक करने और साइबर सुरक्षा में रोजगार के अवसरों के बारे में छात्रों में जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से राज्य अपराध शाखा ‘साइबर सेफ इंडिया’ नाम से जागरूकता कार्यक्रम पर काम कर रही है। यह कार्यक्रम समय-समय पर कई ऑनलाइन बहु विकल्पीय परीक्षण आयोजित करेगा और उच्च प्रतिशतता वाले लोगों को साइबर-वीर के रूप में पहचान देगा। यह कार्यक्रम राज्य में साइबर पुलिस स्टेशनों और साइबर फोरेंसिक लैब में साइबर सुरक्षा में इंटर्नशिप की पेशकश भी करेगा। विशेष रूप से राज्य भर के स्कूलों के हेड बॉयज और गर्ल्स पर केंद्रित होगा। विज ने कहा कि वर्तमान में 309 साइबर डेस्क और 29 पुलिस थानों में 1000 से अधिक पुलिस जवान साइबर अपराधियों से निपटने के लिए तैनात किए गए हैं।