चंडीगढ़। खनन कार्यों में पारदर्शिता के लिए उठाए कदमों के मद्देनजर पंजाब में रेत और बजरी की व्यापारिक खदानों संबंधी जारी किए गए टेंडरों को भरपूर समर्थन मिला है। खनन और भू-विज्ञान मंत्री गुरमीत सिंह मीत हेयर ने बताया कि व्यापारिक रेत-बजरी की खदानों को चलाने के लिए 68 लाख मीट्रिक टन रेत/बजरी का पहला टेंडर www.eproc.punjab.gov.in पर जारी किया गया था और विज्ञापन में दिए 14 माइनिंग कलस्टरों के लिए 562 बोलियां प्राप्त हुईं हैं। राज्य सरकार की तरफ से माइनिंग कलस्टरों के आकार को घटाने और उन्हें पारदर्शी बनाने से एकाधिकार खत्म करने में मदद मिली है। इससे पहले पूरे राज्य को केवल सात कलस्टरों में बांटा गया था, जिसने समूचे खनन कार्यों को एकाधिकार में ला दिया था और छोटे व्यापारी खत्म हो गए थे क्योंकि ऐसे कलस्टरों के लिए सिर्फ बड़े खनन दिग्गजों के लिए ही बोली लगाना संभव था। इस बार राज्य को 100 कलस्टरों में बांटा जाएगा, जिससे इसे और प्रतियोगी बनाया जाए और आम लोगों को सस्ती रेत और बजरी उपलब्ध हो सकेगी।
तीन माह में पूरी होगी टेंडर प्रक्रिया
खनन मंत्री ने बताया कि किसी भी माइनिंग साइट के लिए कोई भी टेंडर जारी करने से पहले सभी कानूनी प्रक्रियाओं जैसे स्टेट इनवायरनमेंट इंपैक्ट असेसमेंट अथॉरिटी (एसईआईएए) की मंजूरी और खनन योजना की तैयारी कर ली जाएगी। इसके बाद अगले तीन महीनों में समूची टेंडर प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से पूरी होगी। जिन खदानों से लगभग 5 करोड़ टन रेत-बजरी निकाली जा सकती है, की नीलामी पहले की जाएगी। फिलहाल एक करोड़ टन से अधिक के दो टेंडर जारी किए जा चुके हैं और 15-20 लाख टन का तीसरा टेंडर अगले दो दिन में जारी कर दिया जाएगा।