148 राहत कैंपों में रह रहे 3731, बाढ़ से 1414 गांव प्रभावित
26,191 से अधिक लोग सुरक्षित स्थानों पर भेजे
प्रभावित इलाकों में 91525 ड्राई फूड पैकेट बांटे
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देश पर, राज्य का सरकारी अमला बाढ़ से प्रभावित इलाकों में लोगों को बचाने और उनकी संपत्ति की रक्षा करने के कार्यों में गंभीरता से सक्रिय है। लोगों के स्वास्थ्य को मुख्य रखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीमें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 24 घंटे काम कर रही हैं। इस समय 316 रैपिड रिस्पांस टीमें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय हैं जबकि 189 मेडिकल कैंपों में मरीजों को मुफ्त दवाएं दी जा रही हैं। राजस्व विभाग की तरफ से अलग- अलग जिलों से प्राप्त रिपोर्टों अनुसार राज्य में बाढ़ के कारण कुल 32 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 3 अभी लापता हैं।
सरकारी प्रवक्ता ने रविवार को बताया कि अब तक 26,191 बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। राज्य में कुल 148 राहत कैंप चल रहे हैं, जिनमें 3731 लोग ठहरे हुए हैं। 15 जिलों के 1414 गांव अभी भी बाढ़ से प्रभावित हैं। इस समय बाढ़ से प्रभावित 15 जिलों में तरनतारन, फिरोजपुर, फतेहगढ़ साहिब, फरीदकोट, होश्यारपुर, रूपनगर, पटियाला, मोगा, लुधियाना, मोहाली, एसबीएस नगर, फाजिल्का, जालंधर, कपूरथला और संगरूर शामिल हैं।
प्रवक्ता ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में ड्राई फूड के पैकेट बांटे जा रहे हैं और रूपनगर में 21025, पटियाला में 59000, एसएएस नगर में 3600, एसबीएस नगर में 5700 और फतेहगढ़ साहिब में 2200 से अधिक पैकेट बांटे जा चुके हैं। पशुधन को बीमारियों से बचाव के लिए पशु पालन विभाग की तरफ से 4285 पशुओं का टीकाकरण किया गया है जबकि अब तक 2874 पशुओं का इलाज किया जा चुका है।