माइ्र सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। आने वाले तीन सालों में बद्दी औद्योगिक हब को बढ़ावा मिलेगा। चंडीगढ़-बद्दी रेल परियोजना धरातल पर उतरने जा रही है। 30 किलोमीटर लंबे ट्रैक का निर्माण कार्य चंडीमंदिर रेलवे स्टेशन के पास से शुरू कर दिया गया है। इस प्रोजेक्ट पर करीब 1540 करोड़ रुपये खर्च होंगे। परियोजना के लिए हरियाणा और हिमाचल दोनों प्रदेशों की कुल 95 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण की गई है। यह रेल लाइन हिमाचल और हरियाणा के नौ गांवों से होकर गुजरती हुई बद्दी तक पहुंचेगी। इनमें सराज माजरा, शीतलपुर, कल्याणपुर, चक-जंगी, लांडेवाल, केंदुवाल, बिलनवाली गुजरां, हरिपुर संधोली और संधोली के गांव शामिल हैं। यह मार्ग बद्दी, नालागढ़, बरोटीवाला, दाड़लाघाट के औद्योगिक क्लस्टर सीधे चंडीगढ़ से जुड़ेंगे। इसका ट्राईसिटी के आसपास के 42 से अधिक गांवों को लाभ मिलेगा। दरसअल चंडीगढ़-बद्दी रेल लाइन प्रोजेक्ट की घोषणा रेलवे ने वर्ष 2007 में की थी। यह रेल लाइन 28.4 किलोमीटर की है। इस प्रोजेक्ट का ज्यादातर हिस्सा 25 किलोमीटर हरियाणा के पंचकूला जिले में जबकि हिमाचल में सिर्फ 3.4 किलोमीटर पड़ता है।
25 किमी रेल लाइन का काम शुरू
हिमाचल के 3.4 किलोमीटर एरिया में पहले ही रेल पटरी का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया था। इसका करीब 5 फीसदी काम पूरा कर लिया गया है। हरियाणा में बद्दी से चंडीमंदिर तक बिछाई जाने वाली 25 किलोमीटर का दूसरा हिस्सा शेष बचा था। इसकी टेंडर प्रक्रिया पूरी करने के बाद पंचकूला के चंडीमंदिर एरिया में काम शुरू कर दिया गया है। यहां मशीनें लगा दी गई हैं और मिट्टी लेबलिंग का काम शुरू कर दिया गया है।
बद्दी के औद्योगिक क्षेत्र को होगा विशेष लाभ
हिमाचल प्रदेश के बद्दी व नालागढ़ एरिया में कई मल्टीनेशनल कंपनियों के बड़े प्लांट हैं। फार्मा सेक्टर का यह एरिया हब है। ऐसे में बद्दी के अमृतसर-कोलकाता गलियारे से जुड़ने का पूरे रीजन को फायदा होगा। यह कनेक्टिविटी औद्योगिक क्षेत्र को बढ़ाने में भी सहायक होगी। उद्योगों को कच्चा माल लाने और तैयार माल को अन्य राज्यों में भेजने के लिए रेलवे का विकल्प मिलेगा। इससे लागत कम होगी और मुनाफा बढ़ेगा। रेल नेटवर्क से इस रीजन में व्यापार व रोजगार के भी नए अवसर पैदा होंगे।
चंडीमंदिर-बद्दी रेल लाइन परियोजना पर 28 किलोमीटर का काम हरियाणा क्षेत्र के चंडीमंदिर से शुरू कर दिया गया है। इसमें 25 किलोमीटर का एरिया है। हिमाचल के तरफ 3.5 किलोमीटर में 5 फीसदी काम पूरा कर लिया गया है। प्रोजेक्ट दिसंबर 2025 तक पूरा कर लिया जाएगा। - मनदीप सिंह भाटिया, डीआरएम रेलवे अंबाला मंडल।