चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने अहम कदम उठाया है। तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन में जान गंवाने वाले किसानों के वारिसों को सरकारी नौकरी दी गई है। आंदोलन में जान गंवाने वाले ऐसे 30 किसानों के वारिसों को सरकार ने शुक्रवार को नियुक्ति पत्र देकर ड्यूटी जॉइन कराई। राज्य के कृषि और किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने 30 शहीद किसानों के वारिसों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इनमें से 25 लोगों को कृषि और किसान कल्याण विभाग में क्लर्क और पांच को सेवादार के रूप में नियुक्ति पत्र सौंपे गए। इसके अलावा पशुपालन विभाग में दो वेटरनरी इंस्पेक्टर और चार क्लर्क, जिनमें से तीन को अनुकंपा के आधार पर नौकरी मिली है, के अतिरिक्त डेयरी विकास विभाग में दो स्टेनोग्राफरों को नियुक्ति पत्र दिए गए हैं।
खुड्डियां ने नवनियुक्त कर्मचारियों को बधाई देते हुए पंजाब के विकास और राज्य के लोगों को पारदर्शी और सुचारु रूप से सेवाएं प्रदान करने के लिए पूरी ईमानदारी से काम करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की ओर से अब तक राज्य के युवाओं को अब तक विभिन्न विभागों में 44,974 सरकारी नौकरियां प्रदान की जा चुकी हैं। यह भर्ती पूरी तरह से मेरिट के आधार पर और पारदर्शी तरीके से की गई है।
इस मौके पर कृषि विभाग के निदेशक जसवंत सिंह, पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. गुरशरनजीत सिंह बेदी, डेयरी विकास विभाग के निदेशक कुलदीप सिंह और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।