चंडीगढ़। पंजाब में 28.1 फीसदी बुजुर्गों के पास आय का कोई स्रोत नहीं है, जबकि 5 फीसदी बुजुर्ग गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन कर रहे हैं। यह खुलासा सोमवार को लोकसभा में केंद्रीय वित्त मंत्रालय की ओर से पेश की गई भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) की रिपोर्ट में हुआ है।
आईआरडीएआई के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, पंजाब में जीवन बीमा कवर प्राप्त 2765134 लोगों के बीच, केवल 106332 बुजुर्गों के पास ही बीमा कवर है, जो कुल आबादी का मात्र 3.85 बनता है। दूसरी ओर, बुजुर्गों के बीमा कवर की यह दर हिमाचल प्रदेश में 7.11 फीसदी और हरियाणा में 4.41 है। चंडीगढ़ में यह दर 7.27 फीसदी है जबकि अखिल भारतीय स्तर पर यह औसत 6.14 फीसदी ही है। केरल, जहां देश में बुजुर्गों की संख्या सबसे अधिक है, में बीमा कवर का प्रतिशत 8.25 है। इसके बाद महाराष्ट्र (8.06 फीसदी) और कर्नाटक (7.41 फीसदी) का नंबर आता है।
आंकड़ों के अनुसार पंजाब की कुल आबादी में बुजुर्गों की संख्या 12.6 फीसदी है और पंजाब उन पांच राज्यों में शामिल है, जहां बुजुर्गों की आबादी राष्ट्रीय औसत 10.1 फीसदी से ज्यादा है। यह राज्य हैं- केरल (16.5 फीसदी), तमिलनाडु (13.7 फीसदी), हिमाचल प्रदेश (13.1 फीसदी) और आंध्र प्रदेश (12.3 फीसदी)।
2036 में पंजाब में होंगे 18.3 फीसदी बुजुर्ग
हाल ही में जारी इंडिया एजिंग रिपोर्ट-2023 के अनुमानों के अनुसार, 2036 में पंजाब में बुजुर्गों की आबादी 18.3 फीसदी तक पहुंच जाएगी जबकि उस समय राष्ट्रीय औसत भी बढ़कर 15 फीसदी हो जाएगा। वित्त मंत्रालय का दावा है कि इसका मुख्य कारण बुजुर्गों को स्वास्थ्य संबंधी मुहैया कराई जा रही सेवाएं और स्वास्थ्य बीमा संबंधी योजनाएं हैं। आईआरडीएआई जोकि बीमा नियामक की जिम्मेदारी संभाल रहा है, ने बीमा कंपनियों को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि बुजुर्गों के लिए तैयार स्वास्थ्य बीमा उत्पादों पर लिया जाने वाला प्रीमियम उचित, न्यायसंगत, पारदर्शी और अग्रिम रूप से स्पष्ट होना चाहिए। वित्त मंत्रालय का यह भी कहना है कि बुजुर्गों को स्वास्थ्य बीमा लाभ, आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और विभिन्न राज्य प्रायोजित स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के जरिये भी प्रदान किया जा रहा है।
सूबे में 30.69 लाख बुजुर्ग
वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार पंजाब की कुल 24358999 जनसंख्या में 12.6 फीसदी यानी 30.69 लाख बुजुर्ग हैं। इनमें से 115639 बुजुर्गों को सामाजिक कल्याण योजना के तहत बुढ़ापा पेंशन के रूप में 1500 रुपये प्रति माह पेंशन दी जाती है। गत अक्तूबर में राज्य सरकार ने बुढ़ापा पेंशन के लिए 17,34,58,500 रुपये जारी किए थे। पंजाब में बुढ़ापा पेंशन योजना के तहत 65 वर्ष से अधिक आयु के पुरुषों और 58 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को वित्तीय सहायता दी जाती है।