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Panchkula News: पंजाब में 28 नए साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन जल्द होंगे शुरू

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चंडीगढ़। साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने की दिशा में पंजाब पुलिस ने बड़ी पहल की है। प्रदेश में जल्द ही 28 नए साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन शुरू होंगे। पंजाब सरकार की ओर से सभी 28 पुलिस जिलों समेत तीन कमिश्नरेटों में 28 नए साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन जल्द स्थापित किए जाएंगे। यह जानकारी शुक्रवार को पंजाब के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) गौरव यादव ने दी। साइबर क्राइम की चुनौती को प्रभावी और गंभीरता से निपटने की जरूरत को पहचानते हुए पंजाब पुलिस ने अपनी साइबर क्राइम जांच के बुनियादी ढांचे की क्षमता को और बेहतर एवं मजबूत करने के लिए प्रस्ताव भेजा था। डीजीपी गौरव यादव ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन स्थापित करने संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी देने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी, आइडेंटिटी थेफ्ट, साइबर बुलिंग, हैकिंग और ऑनलाइन स्कैमों की जांच करने और निपटने के लिए समर्पित हब के तौर पर काम करेंगे।
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एडीजीपी (साइबर क्राइम) वी. नीरजा ने कहा कि अपराधी ऑनलाइन बुनियादी ढांचे की खामियाें का फायदा उठाने के लिए डिजीटलाइजेशन का प्रयोग कर रहे हैं, जिस कारण इन अपराधों के शिकार व्यक्तियों और कारोबारों को नुकसान बर्दाश्त करना पड़ता है। सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर नौजवान और सीनियर सिटिजन भी साइबर धोखाधड़ी का शिकार होते हैं। इन नए साइबर क्राइम पुलिस स्टेशनों की स्थापना से साइबर क्राइम से निपटने में काफी मदद मिलेगी।
इन्वेस्टिगेशन और टेक्निकल सपोर्ट यूनिट्स के अपग्रेड के लिए 30 करोड़ दिए
पुलिस स्टेशन अत्याधुनिक टेक्नॉलॉजी से लैस होंगे और स्टाफ में डिजिटल फोरेंसिक और साइबर क्राइम जांच में माहिर उच्च प्रशिक्षण प्राप्त कर्मचारियों को तैनात किया जाएगा। यह पुलिस स्टेशन संबंधित जिलों के एसएसपी एवं सीपी की निगरानी में काम करेंगे और अतिरिक्त डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (एडीजीपी) साइबर क्राइम द्वारा समूची निगरानी में काम करेंगे। फिलहाल राज्य में एक साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन कार्यशील है, जिसको 2009 में नोटिफाई किया गया था।
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डीजीपी ने बताया कि साइबर क्राइम जांच में पुलिस की काबिलियत और कुशलता को बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने स्टेट साइबर क्राइम डिविजन में डिजिटल जांच प्रशिक्षण और विश्लेषण केंद्र (डीआईटीएसी लैब) और जिला स्तर पर साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन और टेक्निकल सपोर्ट यूनिट्स को अपग्रेड करने के लिए 30 करोड़ के फंड भी मंजूर किए हैं। नवीनतम सॉफ्टवेयर फोरेंसिक टूल के शामिल होने से बाल यौन उत्पीड़न सामग्री (सीएसएएम), जीपीएस डाटा पुनप्र्राप्ति, आईओएस/एंड्रॉइड पासवर्ड ब्रेकिंग, क्लाउड डेटा पुनप्र्राप्ति, ड्रोन फोरेंसिक और क्रिप्टोकरेंसी मामलों से निपटने के लिए पंजाब पुलिस की क्षमताओं में काफी वृद्धि होगी। ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी संबंधी कॉल सुनने और एनसीआरपी पोर्टल पर रिपोर्टें प्राप्त करने के लिए हेल्पलाइन 1930 स्टेट साइबर क्राइम कार्यालय में 24 घंटे कार्यशील है।
साइबर क्राइम पुलिस स्टेशनों के मुख्य उद्देश्य
-साइबर अपराधों के पीड़ितों को तुरंत सहायता प्रदान करना
-दोषियों को न्याय के दायरे में लाने के लिए साइबर अपराधों की बारीकी के साथ जांच करना
-खुफिया जानकारी और बेहतर अभ्यासों के आदान-प्रदान के लिए कानून लागू करने वाली राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों और साइबर सुरक्षा माहिरों के साथ सहयोग करना
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-साइबर खतरों के बारे में लोगों में जागरूकता पैदा करना और व्यक्तियों और संस्थाओं को रोकथाम उपायों संबंधी जागरूक करना।
-बढ़ रहे साइबर खतरों से बचाव के लिए नवीनतम रणनीतियों का विकास और लागूकरण।
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