पिंजौर। जमीन का बयान करने के बाद आरोपी जमीन की रजिस्ट्री करवाने में आनाकानी करने लगे। शिकायतकर्ता ने जब तहसील में जाकर कागजों की जांच की तो पता चला कि जमीन बयाना करने वालों के नाम नहीं है। शिकायतकर्ता बहादुर सिंह की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी बलदेव सिंह, अमर चावला, जनक राज, जोगराज, हरिंद्र कौर के खिलाफ आईपीसी की धारा 120बी, 406, 420, 506 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता बहादुर सिंह निवासी गांव मानकपुर नानकचंद ने बताया कि वह प्रॉपर्टी डीलर का काम करता है और उसका गांव लोहगढ़ में लांबा प्रापर्टी के नाम से कार्यालय है। शिकायतकर्ता ने बताया कि बलदेव सिंह, उसकी पत्नी हरिन्द्र कौर, बलदेव के दोस्त अमर चावला निवासी जीरकपुर, जोगराज निवासी पंचकूला, जनक राज निवासी चंडीगढ़ द्वारा उसके माध्यम से प्रापर्टी की खरोद-फरोख्त का काम किया और लाभ भी कमाया। शिकायतकर्ता ने बताया कि एक दिन अमर चावला और बलदेव सिंह उसके पास आए और कहा कि उन्हें पैसों की जरूरत है और हम भविष्य में उसके साथ काम नहीं करना चाहते और हमारा जो भी पुराना लेनदेन था उसको लेकर आपसी समझौता हो गया। उसके बाद आरोपियों ने कहा कि उनके पास मौजा वासुदेवपुरा में तीन बीघे जमीन है और उन्हें पैसों की सख्त जरूरत है। शिकायतकर्ता ने बताया कि उनकी जरूरत और मजबूरी को देखते हुए उस जमीन को खरीदने के लिए बयाना कर दिया जिसके एवज में उसने किस्तों में 23 लाख रुपये बलदेव सिंह को दे दिए। जब उपरोक्त जमीन की रजिस्ट्री करवाने की बात पर आरोपी आनाकानी करने लगे। तो शक होने पर तहसील में जाकर जमीन के कागज चेक किए तो पता चला कि उपरोक्त जमीन बलदेव सिंह व उसकी पत्नी के नाम पर नहीं है। शिकायतकर्ता ने बताया कि जब इस संबंध में आरोपियों से बात की तो उन्होंने कहा कि उनके पंजाब एवं हरियाणा में उच्चाधिकारियों के अलावा राजनैतिक संबंध भी है। शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपियों ने उसे धमकाते हुए कहा कि उनके पुलिस में रिश्तेदार भी है और तेरे ऊपर झूठा मामला दर्ज करवा कर तेरा एनकाउंटर करवा देंगे। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।