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पंजाब-गुजरात बार्डर पर बीएसएफ ने काटी ड्रग्स सप्लाई चेन

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पंजाब-गुजरात बार्डर पर बीएसएफ ने काटी ड्रग्स सप्लाई चेन
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-बीएसएफ के डीजी केके शर्मा ने पत्रकारों से बातचीत में किया दावा
-बीते महीनों में दक्षिण चेनाब क्षेत्र में पाकिस्तान से घुसपैठ का कोई मामला सामने नहीं आया
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। सीमा सुरक्षा बल ने पंजाब-गुजरात में पाकिस्तान से सटे बार्डर पर ड्रग्स सप्लाई चेन काटने में सफलता हासिल की है। पंजाब फ्रंटियर ने बार्डर पर होने वाली ड्रग्स तस्करी को बड़ी मुस्तैदी के साथ रोका है, जबकि गुजरात में क्रीक एरिया में पहली बार हुआ है कि पीक मानसून एरिया में ड्रग्स तस्करी रुकी है। (बीएसएफ) के महानिदेशक केके शर्मा ने यहां इंडस्ट्रियल एरिया में पत्रकारों से बातचीत में यह दावा किया। वह यहां वेस्टर्न कमांड बीएसएफ मुख्यालय के विशेष महानिदेशक कार्यालय के प्रशासनिक भवन की आधारशिला रखने पहुंचे थे। पूजा अर्चना के साथ आधारशिला रखने के बाद शर्मा ने कहा, बीएसएफ के लिए यह बड़े गर्व की बात है कि बीते महीनों में दक्षिण चेनाब एरिया में पाकिस्तान की ओर से घुसपैठ का एक भी केस सामने नहीं आया है। बीएसएफ की वेस्टर्न कमांड के सामने आपरेशन चुनौतियां बेहद विविधतापूर्ण हैं। जम्मू-कश्मीर में जहां आतंकियों की घुसपैठ को रोकने के लिए जीजान लगानी पड़ती है, वहीं पंजाब-राजस्थान, गुजरात बार्डर पर ड्रग्स की तस्करी रोकना चुनौती है। गुजरात में पाकिस्तानी मछुआरे ड्रग्स की सप्लाई लाते हैं। सुरक्षा बलों के लिए भारत-पाकिस्तान बार्डर जलवायु और भूभाग की दृष्टि से बहुत ही चुनौतीपूर्ण क्षेत्र है। कश्मीर में जहां मानइस बीस डिग्री तापमान में सुरक्षा बलों को मुस्तैदी से डयूटी देनी पड़ती है, वहीं राजस्थान और गुजरात के कच्छ में वे 50 डिग्री से अधिक तापमान सहते हुए सीना तानकार डयूटी पर तैनात रहते हैं। प्रशासनिक भवन की आधारशिला रखने के मौके पर महानिदेशक के साथ भारत-पाकिस्तान बार्डर पर तैनात बीएसएफ की पांचों फ्रंटियर के आईजी, पांचों प्रीमियर ट्रेनिंग स्थानों के मुखिया सहित अनेक अधिकारी मौजूद रहे।
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