माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। अब जच्चा-बच्चा को इलाज के लिए पीजीआई और जीएमसीएच के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सेक्टर-6 में 113 करोड़ से मदर एंड चाइल्ड हेल्थ केयर अस्पताल बनकर तैयार हो गया है। इस 200 बेड के अस्पताल का उद्घाटन इसी माह होगा। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग और पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरिंग विंग की शुक्रवार को बैठक हुई थी। 11 मंजिल भवन में लिफ्ट, इंटरकॉम, फायर फाइटिंग सिस्टम का काम शेष रह गया है। इस प्रोजेक्ट को अंतिम रूप देने का काम चल रहा है।
इसमें छह लिफ्ट लगाए गए हैं। तीन लिफ्टों के ट्रायल हो चुके हैं। तीन का ट्रायल चल रहा है। फायर फाइटिंग सिस्टम और इंटर काम काम भी लगभग पूरा हो चुका है। इसमें तीन से पांच दिन का काम शेष रह गया है। इसे 10 अगस्त तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका काम 19 मई 2021 को शुरू किया गया था। इसे 31 जनवरी 2023 तक पूरा करना था, लेकिन फंड की कमी के चलते छह माह तक काम बंद रहा। इस कारण डेढ़ साल की देरी से महिलाओं और बच्चों को यह सुविधा मिलेगी।
अभी एक बेड पर दो-दो महिलाओं का होता है, उपचार
वर्तमान में पंचकूला सेक्टर-6 के नागरिक अस्पताल में लेबर रूम और गायनी वार्ड है। इसकी क्षमता करीब 70 बेड की है। यहां ट्राइसिटी सहित हिमाचल की गर्भवती महिलाएं भी उपचार के लिए आती हैं। इसके चलते अक्सर बेड की संख्या कम पड़ जाती है। ऐसे में एक बेड पर दो-दो महिलाओं को शिफ्ट कर दिया जाता है। 200 बेड के मदर एंड चाइल्ड हेल्थ केयर अस्पताल में जच्चा-बच्चा को किसी भी गंभीर स्थिति से निपटने की पूरी व्यवस्था दी जाएगी। इस अस्पताल के शुरुआत के बाद चंडीगढ़ पीजीआई और जीएमसीएच का वर्क लोड कम होगा।
अलग होगा रेडियोलॉजी विभाग
मदर एंड चाइल्ड केयर अस्पताल में अलग से रेडियोलॉजी विभाग स्थापित किया जाएगा। अभी पंचकूला के नागरिक अस्पताल में गर्भवती महिलाओं को एक से डेढ़ माह की वेटिंग का सामना करना पड़ता है। इसके चलते शहरी क्षेत्र सहित कालका, पिंजौर, रायपुररानी, बरवाला, मोरनी की महिलाओं को परेशानी होती है। उन्हें पहले डॉक्टर से जांच और उसके बाद अल्ट्रासाउंड के लिए लंबी वेटिंग के अनुसार अस्पताल के बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं। सबसे ज्यादा परेशानी मोरनी एरिया से आने वाली महिलाओं को होती है। वे सुबह पांच बजे चलती हैं और शाम को घर लौटते-लौटते शाम 6 से 7 बज जाते हैं। नई बिल्डिंग में रेडियोलॉजी विभाग स्थापित होते ही महिलाओं को एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड की सुविधा दो जगह मिलने लगेगी। एक सिविल अस्पताल में और दूसरा मदर एंड चाइल्ड केयर अस्पताल में। इससे वर्कलोड कम होगा। महिलाओं और बच्चों को वेटिंग लिस्ट से छुटकारा मिल जाएगा।
ये सुविधाएं होंगी
- 200 बेड की सुविधा
- तीन आईसीयू वार्ड, नौ ऑपरेशन थिएटर
- 28 वार्ड, हर वार्ड में 6 मरीजों का बेड
- तीन सिक न्यू बोर्न केयर यूनिट
- अलग-अलग फ्लोर पर 22 प्राइवेट वार्ड
- 35 नर्सिंग स्टेशन
- तीन बेसमेंट में से दो में पार्किंग, एक में स्टोर
मदर एवं चाइल्ड केयर अस्पताल की नई बिल्डिंग बनकर तैयार हो गई है। इसी माह अस्पताल की नई बिल्डिंग का उद्घाटन होगा। इसको लेकर पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के साथ बैठक हुई थी। थोड़ा बहुत काम शेष रह गया है। इसे एक सप्ताह में पूरा करने का निर्देश दिया गया है। - डॉ. अमित फोगाट, इंचार्ज मदर एवं चाइल्ड केयर अस्पताल पंचकूला
मदर एंड चाइल्ड केयर अस्पताल की 11 मंजिल बिल्डिंग का सिविल वर्क पीडब्ल्यूडी ने पूरा कर लिया है। इलेक्ट्रिकल का काम फाइनल स्टेज पर है। एक सप्ताह में पूरा हो जाएगा। - आशीष चौहान, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी पंचकूला
मदर एवं चाइल्ड केयर अस्पताल की नई बिल्डिंग में तीन लिफ्ट का काम पूरा हो चुका है। तीन लिफ्ट लगाने के बाद ट्रायल का काम चल रहा है। इंटरकॉम और फायर फाइटिंग का काम भी थोड़ा बहुत रह गया है। इसे 10 अगस्त तक पूरा कर लिया जाएगा। - नवीन राठी, एक्सईएन इलेक्ट्रिकल, पीडब्ल्यूडी पंचकूला