पंचकूला। सीबीआई की विशेष अदालत ने रंजीत मर्डर केस में शुक्रवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के खिलाफ रंजीत सिंह हत्याकांड में बचाव पक्ष के गवाह को फिर से गवाही देने की अनुमति दे दी है। बचाव पक्ष के वकील की ओर से यह अर्जी लगाई गई थी। बचाव पक्ष के वकील ने अपनी अर्जी में एक गवाह को फिर से बुलाने के लिए एक आवेदन दिया था। अभियोजन पक्ष के साथ बचाव पक्ष के वकील ने 4 मई को इस मुद्दे पर बहस पूरी कर ली थी। इस मामले में अगली सुनवाई अब एक जून को होगी। सीबीआई की चार्जशीट के मुताबिक रंजीत सिंह की 10 जुलाई 2002 को कुरुक्षेत्र जिले के खानपुर कोलियां गांव में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। साध्वियों से बलात्कार के आरोप सामने आने के बाद रंजीत ने सिरसा डेरा प्रमुख के साथ कथित तौर पर मतभेद हो गए थे। डेरा से खुद को दूर करने वाले रंजीत को जून 2002 में सिरसा बुलाया गया था और आरोपी अवतार सिंह और इंद्र सेन ने राम रहीम से माफी मांगने के लिए धमकी दी थी। डेरा सच्चा सौदा के पांच सदस्य अवतार, इंद्र सेन, कृष्ण लाल, जसबीर सिंह और सबदिल सिंह ने डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह के इशारे पर रंजीत को खत्म करने की साजिश रची थी।