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14 साल नहीं दबा, आज भी नहीं दबूंगा

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‘14 साल नहीं दबा, आज भी नहीं दबूंगा’
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सिद्धू बोले, अकालियों के दबाव में नहीं आएंगे
अमृतसर नहीं छोड़ा, विधानसभा तो दूर की बात है
दम है तो सदन में आकर बहस करें अकाली
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
कैबिनेट मंत्री नवजोत सिद्धू ने कहा है कि वह अकालियों के किसी तरह के दबाव में नहीं आएंगे। वह 14 साल तक इनसे नहीं दबे, तो आज भी नहीं दबेंगे।
प्रेस रूम में पत्रकारों से बात करते हुए सिद्धू ने कहा कि अकालियों के दबाव में उन्होंने अमृतसर नहीं छोड़ा, अब विधानसभा तो दूर की बात है। सिद्धू ने अपशब्द या जातिसूचक शब्द कहने के आरोपों को सिरे से खारिज किया। सिद्धू ने कहा कि उन्होंने दस बार पवन टीनू को मेंबर साहिबान कहा, एक बार एहो जेहा मेंबर या ओए कह दिया तो बात का बतंगड़ बना दिया गया, कहते हैं कि गाली दी। इन लोगों ने 70 साल की मर्यादा तोड़ी और प्रश्नकाल में विघ्न डाला। मर्यादा की बात करने वाले तब कहां थे, जब बिक्रम मजीठिया ने सदन में गाली दी थी। स्पीकर की चेयर पर कागज फेंके, वह मर्यादा थी। सीएम, वित्तमंत्री बोल रहे थे तो अकाली शोर मचा रहे थे। मैं कायर नहीं हूं और तथ्यों के आधार पर बात करता हूं। सुखबीर बादल कहते थे कि कैप्टन अमरिंदर सिंह सदन में नहीं आते। अब वह कितनी देर आकर बैठे हैं। बादलों में दम है तो सदन में आकर किसी भी मुद्दे पर बहस कर लें। फूलका ने जो कहा, उसका उन्हें अफसोस है क्योंकि वह बात उन्होंने नहीं, किसी और मेंबर ने कही थी। मैंने तो फूलका से इतना ही कहा था कि आप चिट्टा बेचते हो, जो उठकर अकालियों के साथ जा रहे हो।
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