‘बीएड की खाली सीटें, शिक्षण संस्थान मेरिट से दें दाखिला’
चंडीगढ़। पंजाब के कॉलेजों में खाली रह गईं बीएड की सीटों को भरने की जिम्मेदारी अब शिक्षण संस्थानों को ही दी गई है। पंजाब यूनिवर्सिटी ने तीन बार एंट्रेंस टेस्ट कराया, लेकिन सीटें नहीं भर पाईं। अब पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा है कि शिक्षण संस्थान उन आवेदकों की पहचान करें जिन्होंने एंट्रेंस टेस्ट दिया था, लेकिन दाखिला नहीं हो सका। ऐसे आवेदकों को मेरिट के आधार पर सीट अलॉट की जाए। पीयू, पंजाब के सरकारी, एडेड कॉलेज और निजी कॉलेजों में 21 हजार सीटें थीं। इसमें से 16 हजार ही तीन बार टेस्ट लेने के बावजूद भर पाई हैं। अब 27 नवंबर को हाईकोर्ट में फिर से जवाब देना है। पंजाब में निजी कॉलेजों को आंख मूंदकर सीटें अलॉट करने पर हाईकोर्ट ने अपनी प्रतिक्रिया दी थी। हाईकोर्ट ने बीएड की खाली सीटों पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि निजी कॉलेजों को थोक में सीटें अलॉट की गई हैं।