आंधी से धराशायी हुआ रावण का पुतला
- फोटो : संवाद
पंचकूला सेक्टर-5 में शनिवार की देर रात करीब तीन बजे आई तेज आंधी से 180 फीट ऊंचा रावण का पुतला धराशायी हो गया। रावण का पुतला एक घंटे पहले ही क्रेन की सहायता से खड़ा किया गया था। इसमें रावण के पुतले का सिर, तलवार और ड्रेस भी खराब हो गई। पुतले के टूटने से करीब ढाई लाख रुपये का नुकसान होने का आकलन किया गया है।
कारीगर तेजिंदर सिंह ने बताया कि पांच अक्तूबर की रात करीब दो बजे रावण को तैयार कर खड़ा किया गया था। रात खाना खाकर सभी लोग सोने गए तभी अचानक तेज हवा के चलते रावण गिर गया। रविवार की देर रात तक रावण को दोबारा खड़ा कर दिया जाएगा।
ट्राइसिटी के सबसे ऊंचे रावण को खड़ा करने के लिए मंगवाई थी क्रेन
बराणा निवासी तेजिंदर सिंह चौहान ने बताया कि दिल्ली के द्वारका में देश का सबसे ऊंचा 211 फीट के रावण का पुतला तैयार करने के बाद पंचकूला सेक्टर-5 के शालीमार ग्राउंड में 180 फीट का ऊंचा रावण तैयार किया गया। पुतले का सीना 35 फीट, टांगे 40 फीट और धड़ 80 फीट का है। इसका चेहरा 25 फीट का बनाया गया था, जो आंधी के चलते खराब हो गया है। रावण दहन के लिए 4 से 5 लाख के ग्रीन पटाखे लगाए जाएंगे। रावण दहन के दौरान रिमोट से ब्लास्ट किया जाएगा। बम के 12 पॉइंट रखे जाएंगे। सबसे पहले रिमोट से छत्र और मुकुट में बलास्ट किया जाएगा। इसके अलावा चेहरे, दोनों तरफ मूंछों, तलवार, ढाल, नाभि, कंधों, टांगों और पैरों में ब्लास्ट पॉइंट बनाए गए हैं।