पंचकूला। मनीमाजरा एडब्ल्यूएचओ निवासी एवं ब्रिगेडियर की पत्नी आशा कटोच के 2-बीएचके अपार्टमेंट की कंस्ट्रक्शन/रेनोवशन के काम को अधर में छोड़ने वाले कॉंट्रेक्टर पर डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर डिस्पयूट्स रिड्रेसल फोरम ने जुर्माना लगाया है। फोरम ने यह आदेश पंचकूला के सेक्टर-9 निवासी कांट्रेक्टर पवन कुमार प्रजापति को दिए हैं। आदेश में कहा गया कि कॉंट्रेक्टर शिकायतकर्ता महिला को केस फाइल के समय से राहत देने तक 9 प्रतिशत ब्याज समेत 2.60 लाख रुपये रिफंड करे। साथ ही शिकायतकर्ता को मानसिक तनाव और हैरासमेंट के 15 हजार रुपये व मुकदमा खर्च के पांच हजार रुपये भी दे। शिकायतकर्ता ने फोरम को बताया कि पवन प्रजापति ने स्वयं को प्रोफेशनल कॉंट्रेक्टर बताकर उन्हें विश्वास में लेने के लिए पंचकूला के सेक्टर-2 और सेक्टर-7 के दो बंगले भी अपने रेनोवेट किए बताए। इस कारण महिला ने कॉंट्रेक्टर पवन कुमार प्रजापति से जिला सोलन की तहसील कसौली के गांव राडो पैंद, फर्स्ट फ्लोर स्थित अपने 2-बीएचके अपार्टमेंट की कंस्ट्रक्शन/रेनोवेशन के लिए रॉ मैटीरियल के अलावा 5.60 लाख रुपये में डील की। शिकायतकर्ता ने कांट्रेक्टर को 16 नवंबर 2016 को 50-50 हजार रुपये के चार चैक भी दिए। फिर कॉंट्रेक्टर ने पंचकूला के स्वास्तिक विहार स्थित आइडीबीआई बैंक से राशि विद ड्रॉ भी करवाई। इसके अलावा महिला ने कॉंट्रेक्चुअल रिलेशंस की सैटलमेंट के लिए आवश्यक मैटीरियल और सप्लाई भी उपलब्ध करवाई। शर्त के अनुसार कंस्ट्रक्शन का काम 20 नवंबर 2016 से शुरू होकर 15 जनवरी 2017 को खत्म होना था। लेकिन कॉंट्रेक्टर ने दो महीने की समयावधि में काम खत्म नहीं किया। जबकि उसने दो लाख रुपये की राशि दिसंबर 2016 के पहले सप्ताह में ही ले ली। कॉंट्रेक्टर ने अपार्टमेंट की कंस्ट्रक्शन का काम 19 फरवरी 2017 से शुरू कर महज 16 दिन 07 मार्च 2017 तक ही किया। कॉंट्रेक्टर पवन कुमार प्रजापति के गैर पेशेवर तरीके से काम करने से महिला का खरीदा 1.80 लाख रुपये का रॉ मैटीरियल भी खराब हो गया। ड्रॉइंग रूम के फ्लोर पर बेतरतीब लगाई इटैलियन टाइलों का भी खराब मैटीरियल के इस्तेमाल से रिसाव करना बताया गया। कुकिंग गैस के लिए कॉपर पाइप भी खतरनाक ढंग से लगाई गई। यह कॉपर पाइप बेडरूम, टॉयलेट, लॉबी और किचन से होकर गुजर रही थी। कॉंट्रेक्टर ने महिला को 9 मार्च और 20 मार्च 2017 को दो हैंड रिटन बिल भी दिए। लेकिन बिल के काम की असल स्थिति से मेल नहीं होने पर जब महिला ने कॉट्रेक्टर को सही बिल देने की बात कही तो उसने साफ इंकार कर दिया। कॉंट्रेक्टर के लापरवाह और अपूर्ण कार्य से महिला का निर्माण को खरीदा गया सामान खराब हो गया। इसके बाद कॉंट्रेक्टर ने 20 मार्च 2017 से कंस्ट्रक्शन का काम भी अधर में छोड़ दिया, यहां तक कि महिला के फोन कॉल तक नहीं सुने। महिला ने 28 अप्रैल 2017 को एसएसपी चंडीगढ़ से इस संबंध में शिकायत की। कॉंट्रेक्टर को कानूनी नोटिस दिया लेकिन उसने जवाब नहीं दिया। इस कारण महिला ने दूसरे कॉंट्रेक्टर से अधूरा पड़ा निर्माण कार्य पूरा करवाया। आरोपी कॉंट्रेक्टर मामले में प्रतिवादी भी नहीं बना। फोरम ने मामले में कॉंट्रेक्टर के पार्ट पर चूक होनी पाई और उसे उक्त राशि रिफंड करने के आदेश दिए।