पंचकूला। सहायक प्रोफेसर हिंदी संघर्ष समिति द्वारा क्रमिक भूख हड़ताल के पांचवें दिन भी धरना जारी रहा। शुक्रवार को विश्व योग दिवस के अवसर पर चयनित हिंदी प्रोफेसरों ने योग क्रिया करके सरकार से नियुक्ति की मांग की। क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठने वालों में दिनेश शर्मा, डॉ. धर्मवीर लांग्यान, डॉ. रितु, अरुण कुमार, अनिल धारणिया रहे। गौरतलब है कि 9 अगस्त 2017 को हिंदी विषय का अंतिम परिणाम जारी कर दिया गया था। कुछ अचयनित अभ्यर्थियों ने पेपर में नकल का मामला बनाते हुए कोर्ट से स्टे ले लिया। सिंगल बेंच से स्टे खारिज होने के बाद डबल बेंच से स्टे ले लिया। पूरे मामले की जांच पुलिस रिपोर्ट व साइबर सेल की रिपोर्ट अगस्त 2018 में कोर्ट में जमा हो चुकी है लेकिन इसके बाद भी बार-बार अलग मुद्दे उठाकर केस को लगातार खींचा जा रहा है। सहायक प्रोफेसर हिंदी की नियुक्ति के लिए एजी हरियाणा सरकार द्वारा हमारे केस की मजबूत पैरवी नहीं की गई है। संघर्ष समिति ने अभी तक मुख्यमंत्री, ओएसडी मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, वित्त मंत्री, एजी हरियाणा से कई बार मुलाकात की जा चुकी है। इस पूरे मामले से अवगत करवाया जा चुका है। कोरे आश्वासन के अलावा हमें अभी तक कुछ भी प्राप्त नहीं हुआ अपनी बात को सरकार तक पहुंचाने के लिए 17 जून से शिक्षा सदन के पीछे क्रमिक भूख हड़ताल कर रहे हैं। सरकार द्वारा अभी तक चयनित प्रोफेसरों की कोई सुध नहीं ली गई है। भीषण गर्मी के बीच में चयनित प्रोफेसर अपनी पीड़ा को लिए हुए भूख हड़ताल पर बैठे हैं। अभी तक कोई भी अधिकारी बात करने के लिए नहीं आया है। भूख हड़ताल के दौरान गांधीगिरी अपनाते हुए शिक्षा सदन के सामने सड़क पर गाड़ियों की सफाई व यातायात नियमों की जानकारी देना, हैफेड कार्यालय पर आयोजित रक्तदान शिविर में प्रोफेसरों द्वारा रक्तदान करना, हरियाणा लोक सेवा आयोग कार्यालय पर सफाई करना, शिरड़ी साईं सेवा समिति के लंगर में श्रद्धालुओं को भोजन कराना, विश्व योग दिवस पर योग क्रियाकलाप, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम किए गए हैं।