पचंकूला। एहसास अदबी सोसाइटी की ओर से रविवार को सेक्टर-26 स्थित ब्राइट स्कूल पंचकूला में कवि सम्मेलन एवं मुशायरे का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता पंचकूला विधायक ज्ञानचंद गुप्ता ने की। इस मौके पर बतौर मुख्य अतिथि पूर्व पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक लेफ्टिनेंट जनरल बीकेएन छिब्बर उपस्थित रहे। कवि सम्मेलन में बतौर विशेष अतिथि के तौर पर अनीस अहमद खां अनीस और चौधरी सुल्तान सिंह शामिल हुए। संस्था के अध्यक्ष बीडी कालिया हमदम तथा ब्राइट स्कूल की डायरेक्टर पूनम चहल ने मेहमानों का स्वागत किया। पंचकूला विधायक ज्ञानचंद गुप्ता ने कहा कि शायरी दिलों को दिलों से जोड़ने का काम करती है। ऐसे प्रोग्राम का आयोजन हमेशा होना चाहिए। पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल ने कहा कि उर्दू बहुत ही मीठी जुबान है। मैं उर्दू से मुहब्बत करता हूं। शायर समुंदर को कुजे में भरने का कारनामा कर लेते हैं। कार्यक्रम का संचालन नौजवान शायर जतिंदर परवाज ने किया। इस मौके पर सुशील हसरत ने अगर एहसां लगे बोझिल किसी का तो उठाना मत, उठाना भी पड़े तो फिर चुका देना बताना मत कविताओं की लाइन प्रस्तुत कर लोगों का मन मोह लिया। हिमाचल की शायरा नलनी विभा नाजली की किताब वरक़ दर वरक़ का विमोचन भी किया गया। अहसास अदबी सोसायटी द्वारा अनीस अहमद खां अनीस तथा नलनी विभा नाजली को शान ए उर्दू अवार्ड से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में शिरकत करने आई नलनी विभा नाजली ने जैसे ही चलो गुलशन की जानिब तितलियों से खेलने को, हथेली पर उन्हें अपनी बैठा कर देखते हैं। अपनी कविता की पंक्ति पढ़ी वैसे ही पूरा ऑडिटोरियम तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। वहीं बीडी कालिया ने रास्ते को काट कर निकल है हमदम आदमी, ये शगुन अच्छा नहीं है कह रही हैं बिल्लियां पढ़ीं। इसके अलावा जतिंदर परवाज ने रंगीन मर्तबान में ये खुश नहीं तो क्या, कुछ मछलियां उदास तो तालाब में भी हैं। इसके अलावा अशोक नादिर ने गैर को दस्ते हिनाई जो दिखाते हैं, गालियां देना हमें वी यूं सिखाते हैं। इसके अलावा मुसव्विर फिरोजपुरी, पवन मुंतजिर, आरती प्रिय ने शानदार कविता पाठ किया।