लोगों की फीडबैक पंचकूला को सर्वेक्षण में लाएगी अव्वल
पंचकूला। पंचकूला स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 में शहर को अव्वल लाने की जिम्मेदारी अब आम नागरिकों की है। सर्वे के लिए अब सिटीजन फीडबैक पर बहुत कुछ निर्भर हो गया है। यदि शहर के लोगों ने अपना अच्छा फीडबैक नहीं दिया, तो पंचकूला के नंबर कट जाएंगे और शहर अव्वल आने से पिछड़ जाएगा। इसलिए स्वच्छ सर्वेक्षण 2019 की बेवसाइट पर जाकर अब लोगों को अपना राज्य और शहर पंचकूला क्लिक करने के बाद रजिस्ट्रेशन के बाद ओटीपी नंबर भरकर अपनी फीडबैक देनी होगी, ताकि टॉप 100 में पंचकूला आ सके। स्वच्छ मंच की ओर से लोगों को फीडबैक करने के लिए जागरुक किया जा रहा है। डॉ. प्रवीण चौधरी ने बताया कि सिटीजन फीडबैक को सबसे ज्यादा तवज्जो दी जा रही है। इस बार पिछली बार के मुकाबले फीडबैक के नंबर बढ़ा दिये गये हैैं। 2017 में म्यूनिसिपल डॉक्यूमेंटेशन को सर्वाधिक महत्व देते हुए इसके लिए 45 फीसदी अंक दिए गए थे लेकिन 2018 के सर्वे में इसके अंक घटाकर 35 कर दिए गए थे। अब फीडबैक के नंबर बढ़ा दिये गये हैं। नगर निगम के प्रशासक राजेश जोगपाल ने बताया कि इनमें सिटीजन फीडबैक और म्यूनिसिपल डॉक्यूमेंटेशन के साथ डायरेक्ट ऑब्जर्वेशन शामिल हैं। डायरेक्ट ऑब्जर्वेशन के तहत केंद्रीय जांच दल के मूल्यांकनकर्ता सर्वे में लिए गए शहर के अलग-अलग हिस्सों में जाकर आम जनता से स्वच्छता, कचरा निपटाने जैसे मुद्दों पर सामान्य सवाल-जवाब करते हैं। जितने लोग इन सवालों का सकारात्मक जवाब देंगे, स्थानीय निकाय को उतने ज्यादा नंबर मिलेंगे। राजेश जोगपाल ने बताया कि सर्वे में गलत जानकारी देने पर निगेटिव मार्किंग का सामना भी करना पड़ेगा।