हिमालयन क्वीन के इंजन में शॉर्ट सर्किट से लगी आग
- रेलवे के कर्मचारियों व लोको गार्ड आदि ने फायर उपकरणों से आग पर पाया काबू
- ट्रेन को दूसरे इंजन के साथ जोड़कर शिमला पहुंचाया
अमर उजाला ब्यूरो।
कालका। विश्व धरोहर में शुमार कालका-शिमला रेलवे लाइन पर कालका से शिमला जा रही हिमालयन क्वीन 52455 ट्रेन के इंजन में धर्मपुर-कुमारहट्टी स्टेशनों के बीच आग लगने के कारण ट्रेन करीब डेढ़ घंटा जंगल में खड़ी रही। इससे पर्यटकों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालांकि उसके बाद दूसरा इंजन लगाकर ट्रेन को शिमला पहुंचाया गया। इंजन में लगी वायरों में शॉर्ट सर्किट होना आग लगने का कारण बताया जा रहा है। हिमालयन क्वीन कालका से 12:10 पर शिमला के लिए रवाना हुई थी। जब ट्रेन धर्मपुर स्टेशन से आगे कुमारहट्टी की ओर चली तो इंजन में आग लग गई। इंजन में धुआं उठता देखकर ट्रेन के चालक व परिचालक ने ट्रेन को रोक दिया। इसकी जानकारी कंट्रोल ऑफिस व अधिकारियों को दी। रेलवे के कर्मचारियों व लोको गार्ड आदि ने फायर उपकरणों से आग पर काबू पा लिया। साढ़े तीन बजे कालका जाने वाले हिमालयन क्वीन के इंजन नंबर 52456 को जोड़ कर कुमारहट्टी पहुंचाया गया। सीनियर डीसीएम अंबाला हरि मोहन ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि हिमालयन क्वीन 52455 के इंजन में बिजली की तारों में शॉर्ट सर्किट होने से आग लग गई थी। ट्रेन के लोको पायलटों, गार्ड व टीटीई की मुस्तैदी से बड़ी दुर्घटना होने से टल गई। उन्होंने कहा कि ट्रेन को दूसरे इंजन के साथ जोड़कर शिमला पहुंचाया गया। वहीं, 52456 हिमालयन क्वीन के यात्रियों को ट्रेन नंबर 14096 कालका-दिल्ली सराय रोहिल्ला हिमालयन क्वीन व ट्रेन नंबर 12012 कालका-नई दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेनें ट्रेन नंबर 52456 के कालका पहुंचने के बाद ही चली। उन्होंने कहा कि रेलवे उन कर्मचारियों को उपयुक्त पुरस्कार देंगे जिनकी मुस्तैदी से इंजन में आग लगने के समय बड़ी घटना होने से बच गई।