चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी, डिपार्टमेंट ऑफ फिजिकल एजुकेशन के एसोसिएट प्रोफेसर के मानहानि मामले में सिविल जज, सीनियर डिवीजन, वरुण नागपाल की कोर्ट ने टेनिस कोच रहे नयागांव के आदर्श नगर निवासी रूपिंदरजीत सिंह सैनी के खिलाफ फैसला सुनाया है। कोर्ट ने रूपिंदरजीत सिंह सैनी को डॉक्टर गुरमीत सिंह कपूर 43 की साख को नुकसान पहुंचाने का दोषी पाया है। बीते 4 अप्रैल को सुनाए इस फैसले में कोर्ट ने 10 लाख रुपये मानहानि दावा राशि देने के आदेश दिए हैं। मामले में डॉ. गुरमीत सिंह ने उन्हें हुए नुकसान के लिए 50 लाख रुपये हर्जाना मांगे थे। डॉ. गुरजीत सिंह ने बताया कि उन्हें किन्हीं लोगों द्वारा फोन पर पता लगा था कि रूपिंदरजीत सिंह सैनी बगैर शैक्षणिक योग्यता और अनुभव के टेनिस कोच लगा है। इस संबंध में रूपिंदरजीत सिंह को अलग-अलग समय पर सर्टिफिकेट जमा कराने को कहा गया, लेकिन उन्होंने सर्टिफिकेट जमा नहीं कराया। डॉ. ने बताया कि सर्टिफिकेट जमा कराने के बजाय रूपिंदरजीत सिंह ने अटेंडेंस रिकॉर्ड और स्टाफ रजिस्टर से छेड़छाड़ की। साथ ही पुलिस के पास एक डीडीआर भी दर्ज करवाई कि उनका सर्टिफिकेट सेक्टर-15 मार्केट में खो गया है। एग्जीक्यूटिव कमेटी ऑफ डायरेक्टोरेट ऑफ स्पोर्ट्स ने 13 मई 2013 को मीटिंग की, लेकिन इसके बाद आरोपी ने 14 मई 2013 को डॉ. गुरजीत सिंह कपूर की छवि धूमिल करने के लिए एफिडेविट तैयार किया और अन्य हथकंडे भी अपनाए थे।