मॉडल से दुष्कर्म मामले मेंआरोपी एसआई को अग्रिम जमानत
अदालत ने बेल मंजूर करते हुए बर्खास्त एसआई को इन्वेस्टिगेशन में शामिल होने को कहा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। मुंबई निवासी मॉडल से दुष्कर्म के मामले में नामजद यूटी पुलिस से एसआई के पद से बर्खास्त नवीन फोगाट की अग्रीम जमानत को अदालत ने मंजूरी दे दी है। अदालत ने बेल मंजूर करते हुए नवीन को मामले की इन्वेस्टिगेशन में शामिल होने को कहा है। अग्रीत जमानत याचिका में नवीन के वकील ने कहा कि मामले में आरोपी को फंसाया जा रहा है। वहीं, चंडीगढ़ पुलिस ने विरोध करते हुए कहा कि नवीन ने महिला से दुष्कर्म किया है, उसके खिलाफ पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज है। आरोपी ने महिला की कुछ अश्लील तस्वीरें भी खींची थी, जिसे उसने इंटरनेट पर अपलोड करने की धमकी दी थी। इसलिए आरोपी की याचिका को खारिज किया जाए। पुलिस ने इस दौरान कहा कि मामले की आगे की जांच के लिए नवीन का रिमांड जरूरी है। दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद अदालत ने नवीन को अग्रीम जमानत दे दी है। इससे पहले आरोपी ने वकील के जरिये कैट में उसकी बर्खास्तगी के फैसले को कैट में याचिका दायर कर चुनौती दी थी। दायर याचिका में आरोपी ने कहा था कि दुष्कर्म के मामले में कोर्ट ने उसे फिलहाल दोषी नहीं ठहराया है, लेकिन उससे पहले ही यूटी पुलिस विभाग के उसे नौकरी से बर्खास्त कर दिया। बता दें कि यूटी पुलिस विभाग ने केस में नामजद होने के बाद आरोपी नवीन के पेश नहीं होने पर बीती 23 अक्टूबर को उसे नौकरी से बर्खास्त किया था। एसएसपी नीलांबरी जगदले ने आरोपी को पुलिस की छवि खराब करने और आमजन के लिए खतरा बनने के तहत नौकरी से बर्खास्त किया था। आरोपी पर सायबर सेल में तैनाती के दौरान बिटकॉइन घोटाले की जांच के दौरान लाखों रुपये की रिश्वत लेने के आरोप भी हैं। इसकी शिकायत पर उसे लाइन हाजिर करने के बाद निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद बीते अक्टूबर महीने में मुंबई निवासी मॉडल ने यूटी पुलिस को शिकायत दी थी कि आरोपी नवीन फोगाट ने उससे मदद के नाम पर ब्लैकमेल कर उससे दुष्कर्म किया। आरोपी ने रामदरबार के अंतर्गत क्षेत्र के एक होटल के कमरे में मॉडल को उसकी कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें उसके पास होने का डरावा दिया। फिर उसे ब्लैकमेल कर उससे दुष्कर्म किया था।