चंडीगढ़। राज्य के युवाओं को रोजगार के काबिल बनाने के लिए 10 अतिरिक्त कौशल विकास केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इससे 10 हजार लोगों को नौकरी के काबिल बनाया जाएगा। यह बात राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने शनिवार को चंडीगढ़ में प्रेस कांफ्रेंस में कहीं। इस दौरान उन्होंने अपने एक साल के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि वह 2000 लोगों को पहले ही रोजगार के काबिल बना चुके हैं। पहला कौशल केंद्र अमृतसर में स्थापित किया गया था। अब जल्द ही लुधियाना में एक और खोला जाएगा। वहां युवाओं को कौशल प्रदान करने के लिए आधुनिक मशीनें लगाई जाएंगी ताकि उन्हें उद्योग में रोजगार के योग्य बनाया जा सके।
साहनी ने कहा कि उनका मुख्य ध्यान पंजाब के युवाओं के लिए कौशल और रोजगार सृजन पर रहा है। नए केंद्र राज्य सरकार की सहायता से बठिंडा, पटियाला, मोहाली, जालंधर, होशियारपुर और अन्य क्षेत्रों में खोले जाएंगे। प्रत्येक शहर में उद्योगपतियों की एक समिति गठित की जाएगी और इसे कौशल केंद्रों से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि हाल ही में शुरू किए गए सिख लंगर आंदोलन के तहत गुरुद्वारों में कौशल केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे। युवाओं को नौकरी कौशल के साथ सशक्त बनाने के लिए इस महीने की शुरुआत में अमृतसर से एक सिख लंगर आंदोलन शुरू किया गया था।
विदेशों में 50 पंजाबी महिलाओं को वापस वतन लेकर आए
साहनी ने बताया कि मिशन होप नामक मानव तस्करी विरोधी अभियान के तहत दूसरे देशों में फंसी पंजाबी महिलाओं को वापस अपने देश लाया गया। इस अभियान के तहत ओमान से 50 पंजाबी महिलाओं, तुर्की में 17 युवाओं और लीबिया में 17 अन्य लोगों को बचाया गया।
होशियारपुर में खोलेंगे नशा मुक्ति केंद्र
साहनी ने होशियारपुर और अन्य क्षेत्रों में नशा मुक्ति और पुनर्वास केंद्र खोलने की भी योजना बनाई है। साहनी ने कहा कि उन्होंने लंबित ग्रामीण विकास निधि जैसे मुद्दों को हल करने के लिए आम सहमति बनाने के लिए पार्टी लाइनों से ऊपर उठकर पंजाब के सभी सांसदों की एक इंटरेक्टिव बैठक आयोजित करेंगे।