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Palwal News: पैसों के लेनदेन में युवक की हत्या कर शव फेंका, मुख्य आरोपी तीन दिन के रिमांड पर

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मृतक का मोबाइल फोन, वारदात के समय पहने खून से सने कपड़े और अन्य साक्ष्य बरामद किए जाएंगे
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6 अप्रैल 2026 को दिल्ली के तुगलकाबाद पुराने किले के पास की थी हत्या
पलवल के अगवानपुर क्षेत्र में लावारिस हालत में फेंक दिया था जहां मौत हुई

संवाद न्यूज एजेंसी

होडल। दिल्ली के नजफगढ़ में पैसों के लेनदेन में युवक की हत्या कर शव को खुर्द-बुर्द करने की नीयत से पलवल में फेंकने के मामले में क्राइम ब्रांच टीम ने हत्याकांड में शामिल मुख्य आरोपी सुजीत उर्फ साधु को दिल्ली से प्रोडक्शन वारंट पर लेकर अदालत में पेश कर तीन दिन के रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान आरोपी की निशानदेही पर मृतक का मोबाइल फोन, वारदात के समय पहने खून से सने कपड़े और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए जाने हैं। आरोपी ने युवक के साथ मारपीट कर उसे पलवल के अगवानपुर क्षेत्र में एक खाली प्लॉट में लावारिस हालत में फेंक दिया था जहां उसकी मौत हो गई। टीम ने ब्लाइंड मर्डर का खुलासा कर बड़ी सफलता हासिल की है।

क्राइम ब्रांच प्रभारी जगमिंदर सिंह ने बताया कि पुलिस ने 7 अप्रैल को थाना कैम्प पलवल के अंतर्गत पन्ना विहार कॉलोनी, अगवानपुर के पास एक खाली प्लॉट में बने कमरे के सामने एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद किया था। मृतक के शरीर, सिर और पैरों पर तेजधार हथियार तथा गंभीर चोटों के गहरे निशान थे। इस संबंध में पुलिस ने हिमांशु निवासी पन्ना विहार कॉलोनी की शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। इस मामले में तत्कालीन जिला पुलिस अधीक्षक ने जांच क्राइम ब्रांच टीम होडल के सहायक उपनिरीक्षक महानंद सिंह के नेतृत्व में टीम को सौंप दी। उन्होंने बताया कि 11 जून 2026 को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच रोहिणी से सूचना प्राप्त हुई कि उन्होंने आर्म्स एक्ट के एक मामले में दो आरोपियों सुजीत उर्फ साधु और राजा बाबू उर्फ करण निवासी शाहाबाद डेरी, दिल्ली को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने पूछताछ में पलवल में शव फेंकने की इस वारदात को कुबूल किया है।
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दिल्ली व पलवल पुलिस की संयुक्त कड़ियों के आधार पर मृतक की पहचान रूपसिंह निवासी प्रेम नगर, नजफगढ़, दिल्ली के रूप में हुई। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी सुजीत उर्फ साधु व राजा बाबू आपस में मिलकर गांजा बेचने का काम करते थे। मृतक रूपसिंह उनके लिए ओडिशा से गांजा लेकर आता था। आरोपियों ने मार्च 2026 में रूपसिंह को गांजा लाने के लिए साठ हजार रुपये दिए थे, लेकिन उसने बहाना बनाकर पैसे हजम कर लिए। इसी रंजिश के चलते 6 अप्रैल 2026 को आरोपियों ने रूपसिंह को तुगलकाबाद पुराने किले के पास बुलाया और पार्क में रुपये के लेनदेन को लेकर उनके बीच झगड़ा हो गया। झगड़े में उन दोनों ने रूपसिंह पर बीयर की बोतल व चाकू से हमला कर उसे अचेत कर दिया।

जब रूपसिंह लहूलुहान होकर बेहोश हो गया, तो आरोपियों ने उसे दिल्ली से दूर ठिकाने लगाने की साजिश रची ताकि वह पकड़े न जा सकें। वह रूपसिंह को उसकी ही स्कूटी पर बीच में बैठाकर और हेलमेट पहनाकर रात के समय दिल्ली से पलवल की तरफ रवाना हुए। आरोपियों ने रात में पलवल के अगवानपुर में एक गंदे नाले के पास खाली प्लॉट देखकर रूपसिंह को वहां जोर से पटक दिया, जहां उसकी मौत हो गईं। आरोपी मृतक का मोबाइल फोन और सात सौ रुपये लेकर फरार हो गए थे। अपराधिक रिकॉर्ड मुताबिक आरोपी के खिलाफ दिल्ली के विभिन्न थानों में लूट, डकैती, स्नैचिंग, अवैध हथियार रखने के चार मामले अंकित हैं।
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सीआईए होडल की टीम द्वारा ठोस पैरवी करते हुए तिहाड़ जेल दिल्ली में बंद मुख्य आरोपी सुजीत उर्फ साधु स्थायी निवासी: बसई जलमजेपुर, जिला आजमगढ़, उत्तर प्रदेश का अदालत से प्रोडक्शन वारंट जारी कराया गया। आरोपी को कोर्ट में पेश करके 3 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान आरोपी की निशानदेही पर मृतक का मोबाइल फोन, वारदात के समय पहने खून से सने कपड़े और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए जाने हैं।
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