जन स्वास्थ्य विभाग की लचर कार्यप्रणाली से आमजन परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। जन स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार की जड़ें लगातार गहरी होती जा रही हैं। मरम्मत के नाम पर हो रहे भ्रष्टाचार के मामले में पिछले महीनों पूर्व विधायक रामरतन ने विभागीय उच्च अधिकारियों से शिकायत कर मामले की जांच कराने और इसमें लिप्त कर्मचारियों व संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की थी। पूर्व विधायक की शिकायत के बाद भी इस मामले में किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो सकी, जिससे प्रतीत होता है कि यह मामला भी पूरी तरह भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुका है।
अब ऐसा ही मामला रेलवे रोड स्थित कॉलोनी में सामने आया है। यहां विभाग द्वारा पेयजल लाइन डाली जा रही है लेकिन संबंधित ठेकेदार द्वारा मानकों के अनुसार खुदाई नहीं की गई और पाइपों को जमीन में मात्र छह इंच नीचे ही दबा दिया गया। इस मामले में कॉलोनी के लोगों ने विरोध भी किया और कनिष्ठ अभियंता व एसडीओ से गुहार लगाई, लेकिन उन्होंने भी मामले में लीपापोती कर अपनी जिम्मेदारी से इतिश्री कर ली। पाइप लाइन डालने का कार्य अधूरा छोड़ दिया गया है।
दीपावली के पर्व पर जहां सभी घरों व आसपास के क्षेत्रों में सफाई आदि के कार्य किए जा रहे हैं, वहीं कॉलोनी में घरों के सामने मिट्टी के ढेर लगे हुए हैं। विभागीय कर्मचारियों द्वारा छोड़े गए उबड़-खाबड़ रास्ते के कारण लोगों का घरों से निकलना दूभर हो गया है। कॉलोनीवासी अब इस मामले की शिकायत उपायुक्त से करने की तैयारी कर रहे हैं।
आरडब्ल्यूए के प्रधान रमनलाल पंखिया ने बताया कि कॉलोनीवासियों की पेयजल मांग को संस्था द्वारा विधायक हरिंद्र सिंह के समक्ष रखा गया था, जिस पर विधायक ने जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी को पेयजल लाइन डालने के निर्देश दिए। प्रधान ने बताया कि विधायक के कहने के बाद अधिकारी ने पाइप लाइन डालने का कार्य शुरू कराया।
संबंधित ठेकेदार ने प्रारंभ में लगभग पांच फुट गहरी सड़क की खुदाई कराकर लोगों को विश्वास दिलाया कि इतनी गहराई पर ही पाइप डाली जाएगी, लेकिन बाद में ठेकेदार ने सड़क से मात्र छह इंच की गहराई पर ही पाइप डलवा दिए। उन्होंने बताया कि इस तरह डाली गई पेयजल लाइन से घरों तक पानी का दबाव नहीं पहुंचेगा और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। ठेकेदार पिछले एक सप्ताह से लगातार आश्वासन दे रहा है, लेकिन सड़क मार्ग के बीच खुदे पड़े रास्ते के कारण लोगों को भारी दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। प्रधान ने बताया कि जब उन्होंने मामले से विभागीय एसडीओ और कनिष्ठ अभियंता को अवगत कराया तो उन्होंने भी मामले में लीपापोती कर दी और कार्य अधूरा छोड़ दिया गया। इससे लोगों में विभाग के प्रति गहरा रोष व्याप्त है। कॉलोनीवासी अब इस पूरे मामले की शिकायत जिला उपायुक्त से करेंगे।