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रक्तदान महादान के नारे को सार्थक कर रहीं महिलाएं

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पलवल। रक्तदान, महादान जैसे नारों को सार्थक करने में अब महिलाएं भी पीछे नहीं है। महिलाएं भी अब बढ़-चढ़कर रक्तदान कर रही हैं। इतना ही नहीं वे स्वयं रक्तदान करने के साथ-साथ लोगों को जागरूक भी कर रही हैं।
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कोरोना महामारी के दौरान कुछ महिलाओं ने तो आगे आकर प्लाज्मा भी डोनेट किया। लोगों को भी प्लाज्मा डोनेट करने के लिए जागरूक किया। जागरूक व सामाजिक संस्थाओं से जुड़ी महिलाएं 100 से अधिक रक्तदान शिविर भी लगवा कर कितने ही जरूरतमंद लोगों को रक्त उपलब्ध करा चुकी हैं। थैलेसीमिया बच्चों के लिए भी रक्त की जरूरत को पूरा कराने का हर संभव प्रयास करती हैं।
रेणु छाबड़ा करीब 40 बार कर चुकी हैं रक्तदान
पलवल की कई सामाजिक संस्थाओं से जुुड़ी रेणु छाबड़ा अब तक करीब 40 बार रक्तदान कर चुकी हैं। ये अपने पति मनोज छाबड़ा द्वारा गठित की गई करूणामयी संस्था के बैनर तले अभी तक 100 से अधिक रक्तदान शिविर लगवा चुकी हैं। इतना ही नहीं कोरोना महामारी के दौरान रेणु छाबड़ा ने स्वयं भी कोरोना संक्रमित मरीज को प्लाज्मा डोनेट किया था तथा और भी लोगों को प्रेरित कर प्लाज्मा डोनेट कराया। थैलेसीमिया बच्चों के लिए भी वे लगातार रक्त की जरूरत को पूरा कराने में जुटी रहती हैं। रेणु छाबड़ा का कहना है कि जरूरतमंद को रक्त उपलब्ध कराने से बड़ा पुण्य का काम नहीं है
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हर व्यक्ति को आगे आना चाहिए : डॉ. श्रद्धा
शहर की जानीमानी वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. श्रद्धा अग्रवाल पांच बार रक्तदान कर चुकी हैं। वे जरूरतमंद को रक्त की जरूरत पड़ने पर अपने परिवार के सदस्यों से तथा मित्रों से मिलकर रक्त उपलब्ध कराने में अपना पूरा सहयोग करती हैं। वे अपने पति डॉ. प्रशांत गुप्ता के साथ मिलकर पलवल के करीब 35 थैलेसीमिया ग्रस्त बच्चों को निशुल्क रक्त चढ़वाती हैं। इसके लिए लगातार रक्तदान शिविर भी आयोजित कराती हैं। उनका मानना है कि जरूरतमंद की रक्त के द्वारा जान बचाने के लिए हर व्यक्ति को आगे आना चाहिए। डॉ. श्रद्धा समय-समय पर सेमिनार आयोजित कर भी लोगों को रक्तदान के लिए जागरूक करती हैं।
हर तीन माह में रक्तदान अवश्य करे : डॉ. रंजना
शिक्षिका डॉ. रंजना गुप्ता जहां स्वयं भी रक्तदान कर चुकी हैं, वहीं वह सामाजिक संस्थाओं के साथ मिलकर रक्तदान शिविर आयोजित करती रहती हैं। रोटरी क्लब संस्कार के बैनर तले वे अपने पति डॉ. शिव कुमार गुप्ता के साथ मिलकर रक्तदान शिविरों के द्वारा थैलेसीमिया बच्चों तथा जरूरतमंदों के लिए रक्त एकत्रित कराने का काम करती हैं। रेडक्रास की आजीवन सदस्य डॉ. रंजना गुप्ता हर मच पर लोगों को रक्तदान करने के लिए जागरूक करती हैं। कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने लोगों को प्लाज्मा भी उपलब्ध कराया। उनका मानना है कि हर व्यक्ति को हर तीन माह में रक्तदान अवश्य करना चाहिए।
विदुषी सोनी तीन बार कर चुकी है रक्तदान
पीजीआई रोहतक से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही विदुषी सोनी तीन बार रक्तदान कर चुकी है। रक्तदान करने की प्रेरणा उसे अपनी मा मानव सेवा समिति की अध्यक्षा सीता वर्मा से मिली। जब भी विदुषी कॉलेज से पलवल आती है तो अपनी मा के साथ मिलकर रक्तदान शिविरों में जाकर लोगों को रक्तदान के लिए जागरूक करती है। सोशल मीडिया के माध्यम से भी वह लोगों को रक्तदान करने के लिए प्रेरित करती है। विदुषी का कहना है कि स्वस्थ व्यक्ति को रक्तदान करना चाहिए।
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