संवाद न्यूज एजेंसी
तावडू। करीब सात साल तक चले चेक बाउंस के मामले में तावडू उपमंडल स्तरीय अदालत ने आरोपी को 18 महीने की सजा और 4 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश सुनाया है। यह फैसला उपमंडल न्यायिक मजिस्ट्रेट रूपा की अदालत ने मंगलवार 11 अगस्त को सुनाया।
मामला तावडू उपमंडल के गांव खोरी से जुड़ा है। परिवादी आश मोहम्मद ने 6 नवंबर 2019 को सुगरा खातून के खिलाफ परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि जमीन संबंधी लेन-देन में दिए गए चेक के अनादरित होने पर यह याचिका दायर की गई थी। सजा के बिंदु पर सुनवाई के दौरान आरोपी सुगरा खातून ने अदालत को बताया कि वह विधवा है, परिवार में कमाने वाला कोई नहीं है और उसे दो नाबालिग बच्चों की जिम्मेदारी निभानी है। उसने अदालत से नरमी बरतने की प्रार्थना की। वहीं, परिवादी पक्ष के अधिवक्ता ने कहा कि इसमें किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जानी चाहिए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने कहा कि सजा का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि समाज के लिए एक नजीर बनना भी है।
न्यायाधीश ने दोषी को चेक की राशि के बराबर 4 लाख रुपये का मुआवजा दो महीने के भीतर परिवादी को देने के निर्देश दिए। यदि निर्धारित समय में मुआवजा नहीं दिया गया तो अतिरिक्त 6 महीने की साधारण कैद भुगतनी होगी।