पलवल। गांव बाता के पास आगरा कैनाल की पटरी शनिवार रात टूट गई। नहर को पानी खेतों तक पहुंचने लगा है। हालांकि अभी कैनाल के पास की खाली जमीन में पानी भर रहा है। वहीं दूसरी ओर किसान इस रसायनयुक्त पानी से अपनी फसल को बचाने में लगे हुए हैं। वे अपनी खेतों की पगडंडी को मजबूत बनाने में जुट गए हैं। किसानों ने प्रशासन से कैनाल की पटरी पर मिट्टी डलवाकर पानी रोकने की मांग की है।
दिल्ली के कालिंदी कुंज के समीप यमुना नदी से आने वाली आगरा कैनाल फरीदाबाद होते हुए पलवल पहुंचती है। कैनाल में आने वाले रसायनयुक्त पानी की वजह से इस क्षेत्र में काफी बीमारियां फैल रही हैं। जिसके कारण किसानों ने इससे सिंचाई करना बंद कर दिया है। कैनाल से ज्यादातर धान की फसल की सिंचाई ही की जाती है। शनिवार देर रात गांव लुलवाड़ी से बाता के बीच आगरा कैनाल की पटरी टूट गई। सुबह जब किसान खेतों में पहुंचे तो कैनाल के पास खाली पड़ी जमीन में पानी भरा हुआ था। वह खेतों में पहुंचे, इससे पहले किसानों ने पगडंडी मजबूत करना शुरू कर दिया। हालांकि पानी लगातार खेतों की ओर बढ़ रहा है। गांब बाता निवासी किसान गंगादान, लुलवाड़ी निवासी संतू, अमरौली निवासी बिक्रम ने बताया कि जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, यदि जल्द ही इसे नहीं रोका गया तो हजारों एकड़ में लगी गेहूं की फसल खराब हो सकती है।
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संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश देकर मौके पर भेज दिया गया है। आगरा कैनाल का पानी खेतों में न पहुंचे व किसानों को इससे नुकसान न हो। इसके लिए अधिकारियों को उचित समाधान कराने के आदेश दे दिए हैं। - नरेश नरवाल, जिला उपायुक्त पलवल