हसनपुर/पलवल। हथिनीकुंड बैराज से 13 अगस्त को छोड़े गए लगभग 8.28 लाख क्यूसेक पानी के बाद पलवल में यमुना से लगते गांवों में बना हुआ बाढ़ का खतरा अब कम हो रहा है। यमुना से लगते गांव बिल्लोचपुर, टप्पा, इंदिरा नगर, अतवा व समस्तपुर गांवों में पानी अंदर तक घुस गया है, लेकिन अन्य गांवों में पानी घटना शुरू हो गया है। पानी आने के कारण ज्यादातर नुकसान फसलों को हुआ है। बताया जा रहा है यमुना में छोड़े गए इस पानी से हजारों एकड़ जमीन में खड़ी फसल पानी में डूबकर बर्बाद हो गई है।
पानी आने की सूचना मिलने पर कई गांवों के लोगों ने वैसे ज्वार आदि की काफी फसल काट कर पशुओं के चारे के लिए जमा कर ली थी। उधर प्रशासन व पुलिस विभाग अभी भी यमुना से लगते गांवों में निगरानी रखे हुए है तथा ग्रामीणों से संपर्क कर उनसे सावधान रहने व राहत कैंपों में जाने की सलाह दे रहे हैं। पानी पूरी तरह से घटने तक प्रशासन अपनी तरफ से कोई कमी नहीं छोड़ना चाहता है तथा ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह से सतर्क है।
यमुना में पानी के चढ़ाव व घटाव को लेकर जिला उपायुक्त यशपाल व पुलिस कप्तान नरेंद्र बिजारनिया स्वयं पल-पल की जानकारी ले रहे हैं। साथ ही एसडीएम पलवल जितेंद्र कुमार, होडल के एसडीएम वत्सल्य वत्स, जिला राजस्व अधिकारी व तहसीलदार सहित प्रशासन की पूरी टीम प्रभावित गांवों में व्यवस्था को संभाले हुए हैं। वहीं अच्छेजा में लगाए गए राहत कैंपों में प्रभावित गांवों से जो लोग पहुंच रहे हैं, उनके खाने, पीने के अलावा स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से उपलब्ध हैं। साथ ही पशु पालन विभाग ने पशुओं के लिए चारे आदि का पूरा इंतजाम किया हुआ है।