पुजारी परिवारों ने मुख्यमंत्री से मांगी गांव छोड़ने की अनुमति
संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। हरियाली तीज पर गांव शेखसाई स्थित भगवान लक्ष्मी नारायण मंदिर में गांव बांसवा के ग्रामीणों द्वारा किए गए उपद्रव की घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। वहीं, सोमवार को मंदिर के पीड़ित पुजारी परिवार एसडीएम से मिलने उनके कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने पुलिस प्रशासन द्वारा मारपीट व लूटपाट की घटना में कार्रवाई न होने पर मुख्यमंत्री नायब सैनी से गांव पलायन की अनुमति मांगी।
गौरतलब है कि गांव शेखसाई में भगवान लक्ष्मी नारायण मंदिर में हरियाली तीज पर गांव बांसवा के ग्रामीणों ने इनेलो नेता अजीत बॉबी के नेतृत्व में दान पात्र को खोलकर चंदा निकाल लिया। जब इस घटना का मंदिर पुजारी परिवारों ने विरोध किया तो सैकड़ों लोगों ने उनके साथ मारपीट कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया।
मारपीट की यह घटना पुलिस की मौजूदगी में हुई, लेकिन हसनपुर थाना प्रभारी ने शिकायत मिलने के बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं की। पुलिस की कार्यशैली से नाराज पीड़ित पुजारी पक्ष सोमवार को एसडीएम बेलिना लोहान से मिलने पहुंचे। वहां उन्होंने पुलिस की निष्क्रियता पर रोष व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री नायब सैनी से अपने परिवार के सदस्यों सहित गांव से पलायन करने की अनुमति मांगी।
पुजारी यमुना प्रसाद मास्टर, देवीशरण, किशनचंद, हरिराम, सुरेशचंद, रामेश्वर प्रसाद, चंद्रभान, सुनील कुमार, गोपाल शर्मा, देवदत्त, मदनमोहन, बल्लू उर्फ मोहन, रामबाबू, नेतराम, चंद्रभान सहित अन्य लोगों ने कहा कि उनके परिवारों के साथ पहले भी कई बार वारदातें हो चुकी हैं, लेकिन पुलिस ने आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।
वहीं, इस मामले में जिला पुलिस अधीक्षक वरुण सिंघला ने कहा कि पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज ली जा रही है और जल्द ही वारदात में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।