संवाद न्यूज एजेंसी
पुन्हाना। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) पुन्हाना में करोड़ों रुपये के कथित फर्जी बिल भुगतान मामले की जांच के लिए सीएम फ्लाइंग के पहुंचने के बाद विभागीय गलियारों में बेचैनी बढ़ गई है। बृहस्पतिवार को टीम द्वारा रिकॉर्ड खंगाले जाने के बाद शुक्रवार को पूरे दिन कार्यालय में इसी कार्रवाई की चर्चा होती रही। अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच संभावित जांच परिणामों को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जाती रही।
सूत्रों के अनुसार शिकायतकर्ताओं में विभाग से जुड़े कुछ ठेकेदार भी शामिल हैं, जिन्होंने विभाग में कार्यों के आवंटन और भुगतान प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत में कहा गया है कि विभाग में करीब एक दर्जन ठेकेदारों का एक समूह सक्रिय है, जिन्हें अधिकांश कार्य दिए जाते हैं। इनमें मुबारिकपुर, हथनगांव, चांदनकी, साकरस, नांगल सिंगार, गुलालता, जैताका बड़का तथा सोहना तक के ठेकेदार शामिल है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कई मामलों में बिना माप पुस्तिका (एमबी) पूरी किए ही बिल तैयार कर भुगतान जारी कर दिया गया। कई कार्य तो ऐसे है जिनको अलग-अलग गांवों में दिखाकर पेमेंट कराई हुई है। नाबार्ड योजना सहित 152 नंबर स्कीम में भारी गोलमाल किया गया है।