फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

क्लासरूम में भिड़ीं दो छात्राएं: पहले अपशब्द कहे... फिर बाल खींचकर थप्पड़ मारे और लात-घूंसे मारे, वीडियो वायरल

Sun, 01 Jun 2025 05:15 PM IST
आकाश दुबे संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल

सार

छात्रा का कहना है कि 18 मई को क्लास के दौरान एक छात्र हर्षित ने उसके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया और जबरदस्ती उसे क्लासरूम से बाहर धकेल दिया। उस वक्त क्लास में मौजूद महिला टीचर रितु राणा पर भी वर्षा ने लापरवाही का आरोप लगाया है।
विज्ञापन
मारपीट करतीं छात्राएं - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हरियाणा के पलवल जिले की विश्वकर्मा कौशल यूनिवर्सिटी में एक छात्रा के साथ मारपीट और अभद्रता का मामला सामने आया है। पीड़िता ने अपनी शिकायत में न सिर्फ हमले का जिक्र किया है, बल्कि टीचर्स और सिक्योरिटी स्टाफ पर भी गंभीर लापरवाही और दबाव बनाने का आरोप लगाया है। वहीं, घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है, जिसे एक छात्र ने ही रिकॉर्ड किया था।

विज्ञापन

दूधौला गांव की वर्षा विश्वकर्मा कौशल यूनिवर्सिटी में कंप्यूटर इंजीनियरिंग का डिप्लोमा कर रही है। उसने पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन को दी शिकायत में बताया है कि उसे कॉलेज परिसर में लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी। छात्रा का कहना है कि 18 मई को क्लास के दौरान एक छात्र हर्षित ने उसके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया और जबरदस्ती उसे क्लासरूम से बाहर धकेल दिया। उस वक्त क्लास में मौजूद महिला टीचर रितु राणा पर भी वर्षा ने लापरवाही का आरोप लगाया है। उसने कहा कि टीचर ने शिकायत अनसुनी कर दी।


छात्रा के मुताबिक, जब उसने मामले की शिकायत लिखित रूप में देनी चाही तो सिक्योरिटी कर्मचारी और एक अन्य शिक्षक ने उस पर दबाव बनाया कि वह ऐसा न करे। यहां तक कि उसे धमकी दी गई कि अगर उसने सच्चाई बताई, तो उसे यूनिवर्सिटी से निकाल दिया जाएगा। वर्षा का आरोप है कि 28 मई को क्लास में ही कुछ छात्राओं पिंकी, चांदनी, तनीशा, सोनू और एक अन्य ने उसे घेर लिया और हमला कर दिया। बाल खींचने से लेकर थप्पड़, घूंसे और लातों तक से पिटाई की गई। इसी दौरान आरोपी छात्र हर्षित ने वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया।
विज्ञापन

पीड़िता ने आगे कहा कि जब वह हमले के बाद घर लौट रही थी, तो गेट पर कुछ छात्रों ने उसे जातिसूचक शब्द कहे। छात्रा ने सागर, सौरव, हैप्पी, पुनीत और निशांत को भी इस घटना का जिम्मेदार बताया। पीड़िता के पिता महेश ने कहा कि उन्होंने तुरंत पुलिस में शिकायत दी, मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई। साथ ही, यूनिवर्सिटी प्रशासन ने भी उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं दिया। उल्टा, उनकी बेटी को कॉलेज आने से भी रोक दिया गया है। विश्वविद्यालय प्रवक्ता राजेश चौहान ने कहा कि मामला छात्रों के बीच का है और इसकी जांच प्रॉक्टर कुलवंत सिंह द्वारा की जा रही है। वहीं, गदपुरी थाना प्रभारी अश्वनी का कहना है कि यूनिवर्सिटी की जांच रिपोर्ट आने के बाद पुलिस अगली कार्रवाई करेगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें