संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। आईटीआई के फर्जी दस्तावेज के आधार पर 11 वर्ष से दक्षिण हरियाणा बिजली प्रसारण निगम में नौकरी करते मिले दो सहायक लाइनमैन को सरकार ने निलंबित कर दिया है। इतना ही नहीं उनके द्वारा 11 वर्ष तक नौकरी करते हुए प्राप्त किए वेतन की रिकवरी करने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। दोनों सहायक लाइनमैनों के खिलाफ पुलिस में धोखाधड़ी करने का मुकदमा भी दर्ज कराया गया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी करने के लिए दबिश देनी शुरू कर दी है। दोनों आरोपियों ने अदालत में गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत की अर्जी दी, लेकिन अदालत ने जमानत अर्जी खारिज कर दी।
दक्षिणी हरियाणा बिजली निगम के होडल डिवीजन के कार्यकारी अभियंता सत्तार खान ने दोनों सहायक लाइनमैनों पहाड़ी गांव निवासी रोहताश तथा औरंगाबाद निवासी कुलदीप पिछले 11 साल से से नौकरी कर रहे थे। उन्होंने बताया कि बिजली निगम ने 1/2011 में सहायक लाइनमैनों की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था। इसमें पहाड़ी निवासी रोहताश और औरंगाबाद निवासी कुलदीप का आवेदन के बाद चयन किया गया था। चयन होने के बाद डिवीजन पलवल कार्यालय ने कुलदीप को 23 अक्टूबर 2012 को मिंडकोला तथा रोहताश को 26 अक्तूबर 2012 को होडल में ज्वाइनिंग कर तैनात कर दिया था तथा तभी से दोनों फर्जी कागजातों पर नौकरी कर रहे थे।
उसी रोल नंबर की मार्कशीट मिलने पर हुआ खुलासा
जिस रोल नंबर की मार्कशीट लगाकर आरोपी कुलदीप और रोहताश ने नौकरी हासिल की थी, उसी रोल नंबर की मार्कशीट आदमपुर हिसार निवासी बलबीर ने मुख्य अभियंता को भेजकर शिकायत की थी। जिसके आधार पर मुख्य अभियंता ने दोनों आरोपियों की मार्कशीट आईटीआई बुलंदशहर में जांच कराने के लिए भेजी। जहां से दोनों मार्कशीट फर्जी होने की रिपोर्ट मुख्य अभियंता के पास पहुंची। मार्कशीट फर्जी मिलने के बाद कार्यकारी अभियंता ने पुलिस को दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करने की शिकायत दी। जिसके आधार पर पुलिस ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया।
मुकदमा दर्ज कराने के बाद निकाला नौकरी से
बिजली विभाग ने दोनों आरोपियों कुलदीप और रोहताश के खिलाफ पुलिस में मुकदमा दर्ज कराने के बाद नौकरी से निकाल दिया। उसके साथ ही पुलिस को दोनों को गिरफ्तार करने के लिए भी दबिश दी। मुकदमा दर्ज करने के बाद से ही दोनों फरार हैं तथा अदालत में जमानत अर्जी लगाने के बाद अर्जी खारिज हो गई।
89,38,474 रुपये की राशि निगम करेगा वसूल
बिजली निगम के अधिकारियों की माने तो आरोपी रोहताश ने वेतन के रूप में 11 साल में फर्जी कागजात पर नौकरी करते हुए 47,53,945 रुपये हासिल किए। कुलदीप ने 41,84,529 हासिल कर बिजली विभाग को चूना लगाया है। इस तरह से दोनों आरोपियों ने कुल 89,38,474 रुपये प्राप्त किए हैं। विभाग ने इस राशि की रिकवरी करने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है।
क्या कहते है निगम के अधिकारी
बिजली निगम में पिछले सालों में हुई कर्मचारियों की भर्तियों में पेश किए गए दस्तावेजों की दोबारा से जांच की जाएगी। इसमें कई कर्मचारियों के खिलाफ गुप्त रूप से शिकायत मिली है। उनकी भी जांच कराई जा रही है। जांच के बाद अन्य कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। वहीं, आरोपी कुलदीप व रोहताश से बिजली निगम से नौकरी करते हुए प्राप्त किए रुपयों की रिकवरी की जाएगी।
- सत्तार खान, कार्यकारी अभियंता होडल डिवीजन