पलवल। साढ़े चार माह से केएमपी-केजीपी इंटरचेंज पर जारी किसानों को धरना सोमवार को भी जारी रहा। फसल कटाई का समय होने के बावजूद किसान धरना स्थल पर डटे रहे। इस दौरान मंगलवार को धरना स्थल पर मनाए जाने वाले बैसाखी पर्व व रागनी प्रतियोगिता के लिए तैयारियां की गई। प्रतियोगिता में कलाकारों व किसानों के लिए विशेष प्रबंध करने को लेकर जिम्मेवारियां तय की गई। प्रतियोगिता के दौरान किसानों के लिए जलपान व खाने की विशेष व्यवस्था होगी, वहीं गर्मी से बचाव के लिए पंखा-कूलरों का इंतजाम किया जाएगा।
अटोहां चौक पर किसान संघर्ष समिति के नेतृत्व में जारी धरन की अध्यक्षता रूपचंद दलाल ने की, जबकि संचालन किशन चंद शर्मा ने किया। राष्ट्रवादी विचार मंच के अध्यक्ष स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती ने कहा कि सरकार चाहती है कि हरियाणा में जाति और धर्म के नाम पर दंगे हों और किसान आंदोलन विफल व बदनाम हो जाए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रवादी विचार के लोग किसान आंदोलन के साथ हैं। राष्ट्रीय संयुक्त किसान मोर्चा ने पहले से सभी धरना स्थलों पर 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती मनाने की घोषणा की हुई है, लेकिन प्रदेश सरकार ने किसानों के कार्यक्रम के समानान्तर कार्यक्रमों की घोषणा करके टकराव कराने की असफल कोशिश की है।
संयुक्त किसान मोर्चा ने निर्णय लिया है कि सरकार द्वारा प्रायोजित बाबा साहब की जयंती समारोह में शामिल होने वाले नेताओं के कार्यक्रम का विरोध नहीं किया जाएगा। सरकार कार्यक्रमों के जरिये दो वर्गों को परस्पर लड़ाना चाहती है। उन्होंने कहा है कि डॉ. भीमराव अंबेडकर गरीब, किसान और मजदूरों के मसीहा थे। पूंजीपतियों की दलाली करने वाली सरकार का बाबा साहब की विचारधारा से दूर-दूर तक संबंध नहीं है।
धरने को किसान नेता मास्टर महेंद्र सिंह चौहान, राजेंद्र सिंह, किसान सभा के जिलाध्यक्ष धर्मचंद घुघेरा, राजकुमार ओलिहान, रूपराम तेवतिया, दरियाब सिंह, रणबीर सिंह चौहान, जसबीर सिंह ढिल्लो, हरी सिंह सैनी, हरप्रसाद औरंगाबाद, धन्नीराम अलावलपुर, बीर सिंह चौहान, ताराचंद, रमेश चंद सौरोत, भागीरथ बेनीवाल सहित अन्य ने संबोधित किया।