संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। गांव दीघोट में युवा सेवा संगठन द्वारा किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में कृषि विशेषज्ञ डॉ.महावीर सिंह मलिक मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद रहे। अध्यक्षता प्रगतिशील किसान रामबीर ने की, जबकि संचालन भूरा व रवि कुमार ने किया। गोष्ठी में गन्ने में लगने वाले रोगों की पहचान कर उनसे बचाव तथा पैदावार बढ़ाने के बारे में जानकारी दी गई है।
कृषि विशेषज्ञ डॉ. महावीर सिंह मलिक ने कहा कि पलवल चीनी मिल क्षेत्र में लगभग 20 हजार एकड़ में गन्ना फसल की बिजाई की गई है। गन्ने से ज्यादा उत्पादन लेने के लिए खरपतवार रोकथाम उपाय, संतुलित उर्वरक, समुचित सिंचाई व रोग कीट नियंत्रण करने के साथ उसे गिरने से बचना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि लंबाई बढ़ने से गन्ना फसल गिरने संभावना रहती है। गन्ना फसल गिरने से पैदावार में 15 से 30 प्रतिशत तक कमी आ जाती है। फसल में कीड़े व चूहों का प्रकोप भी बढ़ जाता है। गन्ने की अच्छी पैदावार लेने के लिए फसल को गिरने से बचाना जरूरी है। जुलाई अंत, अगस्त व सितंबर के महीने में गन्ने को गिरने से बचाने के लिए गन्ने की बंधाई अवश्य करें। गन्ने की बंधाई फसल में भूमि से तीन से चार फुट ऊंचाई तक पोरिया बनने पर ही शुरु कर देनी चाहिए। बंधाई करते समय उसका बड़वार वाला ऊपरी भाग खुला रखे। बंधाई कम से कम दो बार अवश्य करें। ज्यादा बढ़ोतरी वाली फसल में साथ वाले खुडों के गन्नों को आपस में बांधे, ताकि हवाओं के साथ बारिश होने पर भी गन्ना न गिरने पाये। गन्ने बांधते समय मुंह पर जालीदार कवच तथा हाथों में दस्ताने पहनने चाहिए। इस अवसर पर बिजन ढोलिया, रोशनलाल, सुरेंद्र, कल्लू, सुखबीर फौजी, तुहीराम ब्लॉक मेम्बर, धनसिंह, मनोज, पंडित जगदीश, गोपाल, सतबीर मौजूद थे।