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रेल रोको आंदोलन में शामिल होंगे हजारों किसान

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पलवल। 18 फरवरी को कृषि कानूनों के विरोध में रेल रोको आंदोलन में जिले के हजारों किसान शामिल होंगे। इसके लिए रणनीति तैयार की जा रही है। शुक्रवार को किसान नेताओं ने धरना स्थल पर सभी से इसको सफल बनाने का आह्वान किया, वहीं गांवों में संपर्क करना शुरू कर दिया गया है। वहीं किसानों ने धरना स्थल पर ही सब्जी, फल और फूल उगा दिए हैं।
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केजीपी-केएमपी इंटरचेंज पर अटोहां मोड़ के पास चल रहे धरने में किसानों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। धरना स्थल पर तेवतिया पाल, डागर पाल, चौबीसी, 52 पाल, रावत पाल व बड़गुर्जर पाल ने टेंट लगा दिया है। एक तरफ जहां सभी पालों से रोजाना किसान धरना स्थल पर पहुंच रहे हैं, वहीं भूडेर पाल की तरफ से दिल्ली-आगरा राजमार्ग पर सड़क के किनारे बने डिवाइडर पर सब्जी, फूल, फल के अलावा औषधीय पौधे भी उगाने शुरू कर दिए गए हैं। वहीं दूसरी तरफ तंबुओं में लगाए टेलीविजन पर गाजीपुर, टीकरी व सिंघु बार्डर पर चल रहे धरने और किसान नेताओं के दिशा-निर्देशों पर नजर रखी जा रही है। वहीं अन्य जिलों व राज्यों के किसानों से संपर्क कर आंदोलन के लिए समर्थन जुटाया जा रहा है। किसान नेता महेंद्र चौहान ने बताया कि रेल रोको आंदोलन के लिए किसानों से संपर्क किया जा रहा है। जैसा किसान नेताओं का आदेश होगा, उसके हिसाब से आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए काम किया जाएगा।
दूसरे राज्यों से भी आने लगे किसान
पलवल में चल रहे धरने में मध्य प्रदेश, बुुंदेलखंड के किसान भी आने लगे हैं। शुक्रवार को मध्य प्रदेश के किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल पहुंचा। इसमें वे किसान थे, जो पहले प्रशासन द्वारा यहां से हटाए गए थे। उन्होंने स्थानीय किसानों से चर्चा की।
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लोकगीत और रागनी से किया मनोरंजन
धरना स्थल पर किसानों के लिए रोजाना सुबह 10 बजे ही लंगर शुरू कर दिया जाता है। उसके बाद धरना स्थल पर सभा शुरू हो जाती है। जिसमें किसान नेता अपने विचार व्यक्त करते हैं। दोपहर 3 बजे के बाद जिले के कलाकारों द्वारा लोकगीत, रागनी आदि कार्यक्रम पेश कर मनोरंजन किया जाता है।
हुक्का गुड़गुुड़ाते करते रहे चर्चा
एक तरफ किसान धरना स्थल पर बैठकर कृषि कानूनों पर चर्चा करते हैं, तो दूसरी तरफ अपनी-अपनी पालों के हिसाब से लगे तंबुओं के बाहर हुक्का गुड़गुड़ाते हुए बुजुर्ग किसान चर्चा करते नजर आते हैं।
गुप्तचर विभाग रखे हुए है नजर
किसानों के धरने पर गुप्तचर विभाग पूरी तरह से नजर रखे हुए है। यहां की गतिविधियों की खबर पुलिस अधीक्षक व उपायुक्त को दी जा रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इस बात पर भी पूरी तरह से नजर रखी जा रही है कि कोई विवाद न हो और राजमार्ग पर किसी तरह का उपद्रव न हो।
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