- तीन जगह लाइन में लगने के बाद पहुंचते हैं दवाई लेने, परंतु नहीं मिलती
- वायरल बुखार के मरीजों की संख्या निरंतर बढ़ रही, 300 से 400 मरीज पहुंच रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। जिला का सबसे बड़ा सामान्य अस्पताल लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में फिसड्डी साबित हो रहा है। अस्पताल में सुविधाओं का भारी टोटा है। हालात यह हैं कि अस्पताल में मरीजों को देने के लिए सामान्य दवाइयां भी उपलब्ध नहीं हैं। बुखार व खांसी-जुकाम की दवाई भी बाहर से लेने के लिए कहा जा रहा है। मरीज घंटों ओपीडी की लाइन में लगकर पर्ची कटवाते हैं, उसके बाद डॉक्टर के कक्ष के बाहर खड़े रहते हैं। डॉक्टर से दवाई लिखवाने के बाद फिर से दवाइयों की लाइन में लगना पड़ता है। अंत में उन्हें पर्चे में लिखी हुई दवाइयां ही नहीं मिलती, जिससे मरीजों को परेशानी उठानी पड़ती है। बाहर से दवाइयां खरीदने में काफी मरीज असमर्थ रहते हैं।
जिला नागरिक अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है। स्वास्थ्य सेवा न मिलने पर मरीज इधर-उधर भटकते रहते हैं। कभी डॉक्टर नहीं मिलते तो कभी दवाई उपलब्ध नहीं हो पाती। लंबे समय से दवाइयों का स्टॉक न होने से मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। अब अस्पताल में सामान्य बीमारियों की दवाइयां भी उपलब्ध नहीं हैं। अस्पताल में खांसी-जुकाम, बुखार, सामान्य दर्द, एलर्जी, गैस, आंखों में डालने की दवाइयां भी मौजूद नहीं है। मौसम में बदलाव के चलते वायरल बुखार के मरीजों की संख्या काफी ज्यादा है। डेंगू भी अपने पैर पसार रहा है। सामान्य ओपीडी पर मरीजों की लंबी लाइन लगी रहती है। ओपीडी में रोजाना 300 से 400 मरीज पहुंचते हैं। हालात यह है कि मरीज थक बैठ भी जाते हैं। उसके बाद उन्हें दवाइयों की लाइन में लगना पड़ता है। अंत में उनकी पूरे दिन मेहनत बर्बाद हो जाती है, क्योंकि अस्पताल में बुखार की दवाई भी नहीं मिलती।
मेरी भतीजी को रोजाना बुखार चढ़ जाता है। मैं अस्पताल में उसकी जांच कराने के लिए आया था। काफी मशक्कत के बाद डॉक्टर ने दवाई लिखी। आधा घंटा लाइन में खड़े होने के बाद भी खांसी-जुकाम व बुखार तक की दवाई नहीं मिली।
- रोहित, निवासी अलावलपुर
मुझे खांसी-जुकाम हुआ है। मैं स्कूल से छुट्टी कर दादी को लेकर अस्पताल में आई हूं, परंतु यहां पर कोई दवाई नहीं दी गई है। कर्मचारियों का कहना है कि दवाई खत्म है, बाहर मेडिकल स्टोर से ले लो।
- लक्ष्मी, निवासी रतिपुर
मेरी उम्र 70 साल है। मेरे हाथों में दर्द रहता है। मैं डॉक्टर से दवाई लिखाकर आई हूं, परंतु यहां दवाई नहीं मिल रही है। कर्मचारी ने बाहर से दवाई लेने के लिए कहा है, जबकि वह बाहर से दवाई खरीदने में असमर्थ है।
- राजवती, निवासी पलवल
कुछ दवाइयों का स्टॉक खत्म हो गया है। दवाइयों की मांग के लिए उच्चाधिकारियों को लिखा गया है। सामान्य दवाई उपलब्ध है। चिकित्सक को स्टॉक के हिसाब से दवाई लिखने के निर्देश दिए गए हैं।
- डॉ. अजय माम, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, पलवल