ड्यूटी लगाने के बाद भी सड़कों पर लगे कूड़े के ढेर
रेलवे रोड, सोहना रोड, कलरा कॉलोनी और मुख्य बाजार अदि जगह नहीं होती नियमित सफाई
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। शहर में सफाई व्यवस्था कितनी दुरुस्त है, इसका अंदाजा सिटी थाने के पास से गुजरने वाली रसूलपुर रोड के किनारे रखे कूड़ेदान की स्थिति से लगाया जा सकता है। यहां कूड़ेदान में पिछले दो दिनों से मृत पिल्ला पड़ा हुआ है, लेकिन उसे हटाया नहीं गया है। वहीं, कूड़ेदान पूरी तरह भर जाने के कारण कचरा सड़क पर गिर रहा है। इससे आसपास गंदगी फैल रही है और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शहर में सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नगर आयुक्त मनीषा शर्मा ने अधिकारियों और कर्मचारियों की वार्डवार ड्यूटी लगाई थी। उन्हें प्रतिदिन अपने निर्धारित क्षेत्र में पहुंचकर सफाई व्यवस्था का निरीक्षण करने और कूड़ा उठाने की स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद कई स्थानों पर नियमित रूप से कचरा नहीं उठाया जा रहा है।
रेलवे रोड, सोहना रोड, कलरा कॉलोनी, मुख्य बाजार और महिला थाने के पास समेत शहर के कई इलाकों में कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। कई-कई दिनों तक कचरा नहीं उठाए जाने से दुर्गंध फैलती है और राहगीरों व आसपास के दुकानदारों को परेशानी होती है।
ऐसे में सवाल उठता है कि अधिकारियों की ड्यूटी लगाने और निगरानी के निर्देश देने के बावजूद सफाई व्यवस्था में सुधार क्यों नहीं हो रहा है। शहरवासियों को उम्मीद है कि नगर परिषद इन स्थानों से जल्द कूड़ा उठवाकर नियमित सफाई सुनिश्चित करेगी।
शहर में करीब 45 स्थानों पर जमा होता है कूड़ा
शहर में करीब 45 ऐसे स्थान हैं, जहां बड़ी मात्रा में कूड़ा एकत्रित होता है। इन स्थानों से नियमित रूप से कचरा उठाने की जिम्मेदारी टेंडर लेने वाली कंपनी की है, लेकिन कंपनी के पास पांच ट्रैक्टर और एक लोडर हैं, जो सभी स्थानों से कूड़ा उठाने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। इसके कारण सभी स्थानों की रोजाना सफाई नहीं हो पा रही है। नतीजतन, कई जगहों पर दो से तीन दिन तक कूड़ा पड़ा रहता है। लंबे समय तक कचरा जमा रहने से गंदगी और दुर्गंध फैलती है, जिससे आसपास के लोगों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
27.60 करोड़ रुपये में पांच साल के लिए दिया शहर की सफाई का ठेका
नगर परिषद पलवल की ओर से शहर में घर-घर से कचरा एकत्र करने और उसे प्रोसेसिंग स्थल तक पहुंचाने का ठेका पांच साल के लिए 27.60 करोड़ रुपये में दिया गया है। इसके तहत 63 एलसीवी, 48 ई-रिक्शा, तीन ट्रैक्टर और एक जेसीबी सहित कुल 115 वाहन लगाए गए हैं। इनके संचालन के लिए चालकों और हेल्परों की व्यवस्था भी की गई है। हालांकि, इसके बावजूद शहर में कई जगह कूड़े के ढेर लगे हैं और कचरे का नियमित उठान होता दिखाई नहीं दे रहा है। ऐसे में करोड़ों रुपये के ठेके के बावजूद शहर की सफाई व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
आम नागरिकों को भी जागरूक होने की जरूरत
लोगों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक होने की जरूरत है। कई लोग सड़कों पर कूड़ा डाल देते हैं, जबकि उनकी जिम्मेदारी है कि वे कूड़ा इधर-उधर फेंकने के बजाय घर-घर कूड़ा एकत्र करने आने वाली गाड़ी में डालें। शहर को स्वच्छ रखने के लिए प्रशासन के साथ-साथ नागरिकों की भागीदारी भी जरूरी है।
वर्जन
नगर परिषद की ओर से लगातार कूड़ा उठाया जा रहा है। शहर में जहां भी सफाई नहीं होने की शिकायत मिलती है, वहां तुरंत सफाई कराई जाती है। शहरवासियों से अपील की कि वे कूड़ा सड़क पर न डालें, बल्कि घर-घर कूड़ा उठाने वाली गाड़ी में ही डालें।
- मनीषा शर्मा, डीएमसी