-10वीं के अंग्रेजी के पेपर में उपायुक्त व पुलिस अधीक्षक खुद उतरे मैदान में
-तीनों उपमंडलों में की गईं प्रशासन व पुलिस की टीमें गठित
-चार बोर्ड की व तीन प्रशासन सहित एक जिला शिक्षा अधिकारी के नेतृत्व में उड़नदस्ता टीमों का गठन
-12 अतिसंवेदनशील व आठ संवेदनशील परीक्षा केंद्र घोषित
-परीक्षा हॉल में नकल करते पकड़े दो विद्यार्थियों के खिलाफ बनाए गए केस
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की कक्षा 12वीं और 10वीं की परीक्षाओं में नकल होने के बाद पुलिस-प्रशासन सख्त हो गया है। सोमवार को हुए 10वीं कक्षा के अंग्रेजी के पेपर में नकल रोकने के लिए जिला उपायुक्त व पुलिस अधीक्षक खुद मैदान में उतरे। उन्होंने स्वयं परीक्षा केंद्रों पर जाकर निरीक्षण किया। साथ ही परीक्षा केंद्रों के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर की परिधि में किसी को भी प्रवेश नहीं करने दिया गया। पेपर के दौरान उड़नदस्ता टीम ने दो परीक्षार्थियों को नकल करते हुए पकड़ा। मौके पर ही उनसे पेपर लेकर उनके खिलाफ केस बना दिए।
सोमवार को 10वीं कक्षा का अंग्रेजी का पेपर शुरू होते ही उपायुक्त द्वारा गठित टीमें व उड़नदस्ता टीमें सक्रिय हो गईं। उक्त टीमों ने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करना शुरू कर दिया। प्रशासन द्वारा घोषित अतिसंवेदनशील व संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर छापा मारकर कार्रवाई की गई। उड़नदस्ता टीमों के साथ पुलिस की टीमें भी साथ रहीं। पेपर शुरू होते ही उपायुक्त व पुलिस अधीक्षक स्वयं भी सभी परीक्षा केंद्रों पर छापा मारने पहुंचे। परीक्षा केंद्रों को पूरी तरह से सील कर दिया गया। उधर पेपर में नकल फेंकने आए युवाओं को पुलिस ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। काफी युवाओं को मौके पर ही पकड़कर पुलिस की जिप्सियों में बैठाकर थाने व चौकियों में भेज दिया गया।
नकल रुकने के कारण काफी बच्चों को निराशा भी हुई। हालांकि जो बच्चे पेपर की तैयारी अच्छी तरह से करके आए थे, उन्हें नकल रुकने से शांति मिली। उन बच्चों ने पेपर शांतिपूर्वक किया। पेपर देकर बाहर आई शीतल, सुमेश, दर्शना, प्रतिभा, अंजलि व सुमित्रा का कहना था कि आज पेपर ठीक हुआ है, क्योंकि आज बाहर की तरफ से शोर-शराबा कम था और केंद्र पर अव्यवस्था नहीं थी। पेपर ऐसे ही होना चाहिए।
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17,500 बच्चों ने दी परीक्षा
पलवल जिले में बोर्ड की ओर से बनाए गए 58 परीक्षा केंद्रों पर 17,500 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। पेपर शुरू होने से एक घंटा पहले ही बच्चों ने परीक्षा केंद्रों पर पहुंचना शुरू कर दिया। बोर्ड द्वारा लगाए गए केंद्र अधीक्षक व सुपरवाइजरों ने बच्चों को 30 मिनट पहले केंद्र के अंदर प्रवेश कराया व पेपर का समय होते ही सभी को पेपर वितरित कर दिए गए। पेपर वितरित करने से पहले बच्चों की जांच की गई। पेपर के दौरान परीक्षा हॉल में भी पूरी सख्ती बरती गई।
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12 परीक्षा केंद्र हैं अति संवेदनशील
उपायुक्त डॉ. हरीश वशिष्ठ ने बताया कि जले में 58 परीक्षा केंद्र हैं। इनमें से आठ केंद्र संवेदनशील व 12 केंद्र अति संवेदनशील हैं। इन केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। साथ ही वीडियोग्राफी करवाई जा रही है। यदि कोई असामाजिक तत्व नकल करवाता हुआ कैमरे में कैद हुआ तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि यदि किसी परीक्षा केंद्र में अत्यधिक अनियमितता पाई गई तो उसे रद्द किया जाएगा और आगामी वर्ष वहां परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा।
एसडीएम के नेतृत्व में टीमों का गठन
उपमंडल पलवल, हथीन और होडल में परीक्षा के दिनों में परीक्षा केंद्रों पर निरीक्षण करने के लिए अधिकारियों की टीमें गठित की गई हैं। उपायुक्त ने टीमों में शामिल अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अपने अधिकार क्षेत्र में परीक्षा दिशानिर्देश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार होंगे। उपायुक्त ने परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए पलवल के लिए एसडीएम ज्योति की अध्यक्षता में नरेंद्र खटाना डीएसपी, पलवल, मामराज रावत, बीईओ को नियुक्त किया है। जबकि होडल के लिए एसडीएम होडल बलिना की अध्यक्षता में कुलदीप सिंह डीएसपी होडल, किरण बाला, बीईओ होडल, टीसी मक्कड़ बीईओ हसनपुर व हथीन के लिए एसडीएम हथीन गुरमीत सिंह की अध्यक्षता में सुरेंद्र सिंह डीएसपी हथीन, सगीर अहमद, बीईओ को नियुक्त किया गया। अतिरिक्त उपायुक्त अखिल पिलानी परीक्षाओं के निष्पक्ष और सुचारू संचालन की निगरानी सुनिश्चित करने के लिए जिला नोडल अधिकारी के रूप में नियुक्त किए गए।
मुख्य सचिव ने दिए निर्देश
हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से उपायुक्तों-पुलिस अधीक्षकों की बैठक लेते हुए नकल रहित परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष दिशा-निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि नकल पर पूर्ण लगाम लगाने के लिए सरकार कड़े कदम उठा रही है। इसमें इनविजिलेटर की भूमिका को विशेष रूप से परखा जाएगा। केंद्र में एक की बजाय दो इनविजिलेटर लगाए जाएंगे। यदि किसी इनविजिलेटर की भूमिका संदिग्ध पाई गई तो उसे निलंबित करके बर्खास्त करने की कार्रवाई की जा सकती है। इसलिए इनविजिलेटर के साथ जिनकी भी परीक्षाओं में किसी भी प्रकार की ड्यूटी लगी है उसे पूर्ण ईमानदारी से पूरा करें।
आठ उड़नदस्ता टीमों का गठन
12वीं और 10वीं की परीक्षाओं में पूरी तरह से नकल रोकने के लिए उपायुक्त द्वारा पलवल में आठ उड़नदस्ता टीमों का गठन किया गया है। इनमें चार बोर्ड की व तीनों उपमंडलों में तीनों एसडीएम की और एक जिला शिक्षा अधिकारी की टीम है। इसके अलावा भी एक विशेष टीम का गठन करते हुए ड्यूटी मजिस्टे्रट नियुक्त किए गए हैं। सभी टीमें नियमित तौर पर निरीक्षण करेंगी। धारा-163 को लागू किया गया है। इसके तहत परीक्षा केंद्र की निकट परिधि में यदि कोई संदिग्ध अथवा कोई भी बाहरी व्यक्ति मिलता है तो उसे पुलिस तुरंत गिरफ्तार करेगी।
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सरपंच भी होंगे निलंबित
उपायुक्त का कहना है कि गांवों के सरपंचों से नकल रोकने में सहयोग की अपील की है। यदि कोई सरपंच नकल करवाने में संलिप्त मिला तो उसे निलंबित किया जाएगा। अगर किसी शरारती तत्व ने कोई पुरानी वीडियो के माध्यम से भ्रामक प्रचार का प्रयास किया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जीरो टोलरेंस की नीति के आधार पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।