पलवल। किसान संघर्ष समिति के तत्वावधान में केएमपी-केजीपी इंटरचेंज पर चला रहा किसानों का धरना शुक्रवार को भी जारी रहा। धरनास्थल पर किसानों से आह्वान किया गया कि 25 जुलाई को अनाज मंडी पलवल में होने वाली 36 बिरादरी की किसान-मजदूर महापंचायत की सफलता के लिए पूरी ताकत लगा दें। पंचायत में किसान, मजदूर, कर्मचारी, व्यापारी, वकील, सेवानिवृत्त कर्मचारी और समाजसेवी सहित सभी वर्ग के लोग हिस्सा लेंगे। सिरसा में किसानों को गिरफ्तार कर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने पर कड़ी निंदा की गई। साथ ही उनकी रिहाई की मांग की गई।
किसान नेता सोहनपाल चौहान और किसान सभा के नेता धर्मचंद घुघेरा ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों और देश की जनता को झूठ बोलकर गुमराह नहीं कर सकती है। रोजगार और फसल बचाने के लिए लड़ रहे किसानों ने लगभग 600 बुजुर्ग और नौजवानों की बलि दी है। तीनों काले कृषि कानून किसानों और व्यापारियों के लिए मौत का वारंट हैं। उन्होंने कहा कि इस लड़ाई में जो किसानों के साथ खड़ा है, वह हम सभी का दोस्त है। किसानों ने नए नारे ‘किसान का दिल डोल रहा है, भाजपा का शासन डोल रहा है’ के साथ आंदोलन को मजबूत करने का निर्णय लिया। मानसून सत्र में किसान संसद की तरफ जाएंगे तथा अपना विरोध दर्ज कराएंगे। बुजुर्ग किसान धनीराम अलवालपुर की अध्यक्षता में आयोजित धरने का संचालन नरेंद्र सहरावत ने किया। धरने में किसान ताराचंद, दरियाब बंचारी, रघुबीर सिंह, रमेश गौढौता, रणजीत चौहान, शिव सिंह दरोगा, नंदराम सरपंच, जयदेव चौहान, रुपचंद दलाल, श्रीचंद, चेतराम, हरि सिंह ने भी विचार रखे।
मंगलवार को धरनास्थल पर पहुंचेंगे पूर्व मुख्यमंत्री ओपी चौटाला
किसान नेता रतन सिंह सौरोत और मास्टर महेंद्र चौहान ने बताया कि किसानों के मसीहा माने जाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला मंगलवार को धरनास्थल पर पहुंचेंगे। इस दौरान भारी संख्या में किसान और कमेरा वर्ग मौजूद रहेगा। यहां से चौटाला गाजीपुर बॉर्डर पर जाएंगे।