पलवल। जिले में भी कोरोना संक्रमित मरीजों में ब्लैक फंगस सामने आने लगा है। पिछले एक माह से कोरोना से जुझ रहे एक व्यक्ति को सिरदर्द की शिकायत पर जब फरीदाबाद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया तो वहां डॉक्टरों ने उस मरीज को ब्लैक फंगस की पुष्टि की। डॉक्टरों की टीम ने देर न करते हुए तुरंत ही मरीज का आपरेशन कर दिया है। मरीज अब ठीक है, लेकिन आपरेशन के बाद लगने वाले इंजेक्शनों की अचानक बढ़ी कालाबाजारी को लेकर उनके परिजन इंजेक्शन के लिए भटकते फिर रहे हैं। लेकिन इंजेक्शन नहीं मिल रहे हैं। मिल भी रहे हैं तो वे भी ब्लैक में मिल रहे हैं।
उधर जिले में ब्लैक फंगस का डर अब लोगों में भी साफ दिखाई देने लगा है। सोशल मीडिया पर ब्लैक फंगस फैलने की चल रही चर्चाओं के बाद लोग हलका सा सिर दर्द व आंखों में जलन होने पर तुरंत नेत्र रोग विशेषज्ञों के यहां भाग रहे हैं। हालांकि जिला स्वास्थ्य विभाग इसे लेकर पूरी तरह से सतर्क हो गया है तथा जिला नागरिक अस्पताल में कार्यरत ईएनटी व नेत्र रोग विशेषज्ञों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं तथा कोरोना महामारी के दौरान अस्पताल में उपस्थित रहने के आदेश सिविल सर्जन द्वारा जारी कर दिए गए हैं। वहीं सरकार से पलवल जिले में भी फंगस रोग के बचाव के लिए लगने वाले टीके उपलब्ध कराने की भी मांग की है।
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मिल रहा है 15-15 हजार रुपये इंजेक्शन
पलवल के जिस मरीज को कोरोना संक्रमण के बाद ब्लैक फंगस की शिकायत बनी है, उस मरीज के परिजनों को अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा लिखा गया इंजेक्शन नहीं मिल रहा है। परिजनों ने बताया कि इंजेक्शन लेने के लिए वे नोएडा, गाजियाबाद, आगरा, बठिंडा तक संपर्क कर चुके हैं, लेकिन इंजेक्शन नहीं मिल रहा है। आखिरकार जम्मू-कश्मीर से 15-15 हजार रुपये में इंजेक्शन मिले।
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ये हैं इंजेक्शन
ब्लैक फंगस वाले मरीजों को फरीदाबाद के डॉक्टरों द्वारा इंजेक्शन लिखा जा रहा है, उसका नाम एमपोटरीसिन-बी है। 50 एमजी के इस इंजेक्शन की कीमत वैसे साढ़े चार हजार रुपये बताई जा रही है, लेकिन ब्लैक में यह इंजेक्शन 15 हजार रुपये तक में बिक रहा है। उसके बाद भी मरीजों को इंजेक्शन उपलब्ध नहीं हो रहा है। मरीजों के परिजन भटकते फिर रहे हैं। निजी अस्पताल संचालक भी इंजेक्शन को लेकर मरीजों पर ही छोड़ रहे हैं कि वे कहीं से भी लाएं।
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स्वास्थ्य विभाग सक्रिय
पलवल जिला स्वास्थ्य विभाग ब्लैक फंगस को लेकर बेहद सतर्क है। जिला नागरिक अस्पताल में इसके लिए इंतजाम शुरू कर दिए हैं, ताकि किसी को यह बीमारी हो तो उसे तुरंत स्वास्थ्य लाभ दिया जा सके। सरकार से ब्लैक फंगस होने पर लगने वाले इंजेक्शन की भी मांग की है। ईएनटी व नेत्र रोग विशेषज्ञों के अलावा सभी वरिष्ठ रोग विशेषज्ञों की छुट्टी रद्द कर दी गई है।
-डॉ. बह्ममदीप सिंह, जिला सिविल सर्जन