वारदात के बाद चादर से सहारे नीचे उतरे बदमाश, एसआईटी व सीआईए ने शुरू की जांच
-धौलागढ़ डकैती कांड में पति-पत्नी ने खुद खोलीं एक-दूसरे की रस्सियां
अलमारी की चाबी छीनकर लूटा सामान, साक्ष्य जुटा रही जांच एजेंसियां
पलवल। कैंप थाना क्षेत्र के धौलागढ़ गांव में हुई डकैती ने सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की गश्त पर सवाल खड़ा कर दिया है। डकैती की यह वारदात आबादी वाले इलाके में हुई है। बेखौफ अपराधियों ने वारदात को अंजाम दिया है। अब इस वारदात की जांच स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) और क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (सीआईए) की निगरानी में तेजी से आगे बढ़ रही है।
पुलिस के मुताबिक, बदमाशों ने रेकी के बाद डकैती की इस वारदात को अंजाम दिया है। बदमाशों को पहले से पता था कि घर में सीसीटीवी कहां लगे हैं। इसलिए घर में घुसते ही पहले सीसीटीवी बंद कर दिया। स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) और क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (सीआईए) की टीमें वारदात से जुड़े हर छोटे-बड़े साक्ष्य का विश्लेषण कर रही हैं। घटनास्थल से फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (एफएसएल) की टीम ने फिंगरप्रिंट, रस्सियों के टुकड़े और अन्य तकनीकी साक्ष्य जुटाए हैं।
जानकारी के अनुसार, बदमाशों ने वारदात के बाद घर में लगे सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए, ताकि कोई फुटेज हाथ न लग सके। पुलिस को जांच के दौरान यह भी पता चला है कि लुटेरों ने ओमप्रकाश की पत्नी से अलमारी की चाबी छीन ली और भीतर रखा कीमती सामान लूट लिया। घर के अंदर बेड पर पड़ा चाकू और खुली अलमारियां इस बात की पुष्टि करती हैं कि बदमाशों ने जल्दबाजी में घर के हर हिस्से की तलाशी ली थी।
वारदात के समय पति-पत्नी को रस्सियों से कुर्सियों से बांध दिया गया था। जब बदमाश लूटपाट कर फरार हो गए तो दोनों ने किसी तरह कुर्सियों को एक-दूसरे के नजदीक लाकर काफी मशक्कत के बाद रस्सियों को खोला और खुद को मुक्त किया। इस साहसिक प्रयास ने जांच एजेंसियों को घटनाक्रम को समझने में मदद की।
वहीं, डॉग स्क्वायड को भी मौके पर बुलाया गया, जिसने क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाकर संभावित रास्तों की जांच की। पुलिस को यह भी संदेह है कि बदमाशों ने घर से निकलते समय चादरों को आपस में बांधकर नीचे उतरने का तरीका अपनाया था। जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि पीड़ित ओमप्रकाश की दो टाइल फैक्ट्रियां हैं। पुलिस इस पहलू की भी पड़ताल कर रही है कि कहीं कारोबारी की आर्थिक स्थिति को देखकर बदमाशों ने योजनाबद्ध तरीके से उसे निशाना तो नहीं बनाया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि एसआईटी और सीआईए टीम मिलकर वारदात के हर पहलू की गहराई से जांच कर रही हैं। एफएसएल रिपोर्ट और डॉग स्क्वायड की दिशा में मिले संकेत अपराधियों की पहचान में जल्द ही निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।