संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। जिले में गर्मी का कहर कम होने का नाम नहीं ले रहा है। गर्मी का असर सबसे ज्यादा मजदूरों पर पड़ रहा है। मजदूर दोपहर में गर्मी से बचने के लिए काम रोककर छाया ढूंढने में लग जाते हैं। इतना ही नहीं कहीं-कहीं तो मजदूर गर्मी से राहत पाने के लिए पानी शरीर पर डालकर काम करते हैं। उसके बावजूद गर्मी से बचना मजदूरों के लिए मुश्किल हो रहा है। दिनभर रिक्शा में सामान ढोने वाले तो जहां सड़क पर छाया दिखाई देती है। वहीं, रिक्शा रोककर कुछ देर आराम करने लगते हैं। गर्मी से बचने के लिए लोगों द्वारा इस तरह के उपाय अपनाए जा रहे हैं। वहीं घरों में लोग गर्मी से बचने के लिए एसी व कूलर के आगे बैठे रहते हैं।
शनिवार को तापमान 43 डिग्री रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 32 डिग्री रहा। गर्म हवाएं 33 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली। ऐसे में लोगों का सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया। लू के थपेड़ों से बचने के लिए लोग इधर-उधर छाया देखते नजर आए। जहां लोगों को छाया मिली वहीं बैठ गए। लोग पीने के पानी के लिए भी भटकते नजर आए। मजदूर तो बेचारे राजमार्ग पर जहां पुल के नीचे काम रोककर सुस्ताते देखे गए, वहीं रिक्शा चालक तथा अन्य लोग भी कही पुल के नीचे तो कहीं बिजली के बडे़ पोल के साथ मिली छांव में रुककर सुस्ताते नजर आए।
बढ़ रही पीने के पानी की समस्या, बोतलों व टैंकरों से मंगवा रहे पानी
क्षेत्र में गर्मी का असर पेयजल पर भी पड़ रहा है। शहरी क्षेत्र में जहां ऊपरी इलाकों में पानी कम पहुंच रहा है, वहीं ग्रामीण क्षेत्र में भी पानी की किल्लत बन गई है। अधिकारी पानी की समस्या का कारण बिजली बता रहे है। उनका कहना है कि बिजली कम आ रही है, ऐसे में ट्यूबवेल नहीं चल पाते हैं और पानी ऊपर तक नहीं पहुंच पाता है। लोग अब पानी की किल्लत को देखते हुए जहां रिहायशी क्षेत्रों में पानी के टैंकर मंगवा रहे हैं, वहीं रिहायशी कालोनियों व सोसायटियों में पानी की बोतलें मंगलवाकर अपनी प्यास बुझा रहे हैं। पानी की किल्लत से बोतल बंद पानी बेचने तथा टैंकरों से पानी सप्लाई करने वालों का धंधा जोरों पर चल रहा है।
आठ से 10 घंटे बिजली रहती है गुल
गर्मी के चलते बिजली का लोड बढ़ रहा है। जितनी क्षमता जिले में बिजली की है, उससे कहीं ज्यादा लोड बढ़ गया है। बिजली अधिकारियों का कहना है कि क्षमता से अधिक बिजली का लोड है। 100 से 150 मेगावाट बिजली अधिक खर्च हो रही है। ऐसे में बिजली के कट लग रहे हैं। गर्मी के चलते ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं। यही कारण है कि बिजली की समस्या है। गर्मी कम होने के बाद ही बिजली की दिक्कत कम हो गई।
कूड़े में लगाई जा रही आग बढ़ा रही और गर्मी
जगह-जगह कूड़े के ढेर में लगाई जा रही आग और भी ज्यादा गर्मी बढ़ा रही है। जिन-जिन इलाकों में लोग आग लगा रहे हैं, वहीं तापमान अन्य स्थानों के मुकाबले एक से दो डिग्री अधिक आ रहा है। वहां आसपास लोगों का बैठना तो दूर घरों से निकलना तक मुश्किल हो गया है। लोग कूड़े में आग लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।